शाहजहांपुर में फर्जी लोन की जांच करने गए दरोगा की पहले फाड़ी वर्दी, फिर तमंचे से की फायरिंग! पूरा मामला चौंका देगा

विनय पांडेय

• 02:10 PM • 29 May 2026

Shahjahanpur Crime News: शाहजहांपुर में फर्जी लोन जांच करने पहुंचे दरोगा और हेड कांस्टेबल पर दबंग भाइयों ने हमला कर फायरिंग कर दी. आरोपियों ने सरकारी दस्तावेज और वर्दी फाड़ दी. एसपी के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज हुआ, एक आरोपी गिरफ्तार जबकि दूसरा फरार है.

Shahjahanpur Crime News: सांकेतिक तस्वीर

Shahjahanpur Crime News: सांकेतिक तस्वीर

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Shahjahanpur Crime News: यूपी के शाहजहांपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां फर्जी लोन के मामले की जांच करने पहुंचे दरोगा गौरव शर्मा और हेड कांस्टेबल भारत मणि पर आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया. दबंगों ने न सिर्फ दरोगा की वर्दी और सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए बल्कि विरोध करने पर उन पर सीधे फायरिंग भी कर दी. इस हमले में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए. मामले को दबाने की कोशिश के बीच घटना के 24 घंटे बाद जब एसपी ने संज्ञान लिया तब जाकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ. पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है जबकि दूसरा फरार है.

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जांच के दौरान भड़के आरोपी भाई

दरअसल यह पूरा मामला शाहजहांपुर के थाना तिलहर क्षेत्र का है. तिलहर थाने में तैनात दरोगा गौरव शर्मा, हेड कांस्टेबल भारत मणि के साथ 26 मई की शाम को एक शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच करने बंधी चक गांव पहुंचे थे. यह शिकायत बाइक और गाड़ी आदि खरीदने के लिए फर्जी लोन लेने से जुड़ी थी.

मौके पर पहुंचते ही पुलिस टीम को आरोपी नकुल और उसका भाई गुड्डू मिल गए. दरोगा गौरव शर्मा ने जब नकुल से इस फर्जी लोन के संबंध में पूछताछ शुरू की तो दोनों भाई भड़क गए और गाली-गलौज करने लगे.

जान से मारने की नीयत से की फायरिंग

विवाद बढ़ते ही आरोपी गुड्डू ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दरोगा के हाथ से शिकायती प्रार्थना पत्र, एफआईआर न्यायालय से संबंधित अन्य जरूरी सरकारी अभिलेख छीनकर फाड़ दिए. इतना ही नहीं आरोपियों ने कानून का खौफ ताक पर रखकर दरोगा की वर्दी भी फाड़ डाली. जब पुलिसकर्मियों ने इसका विरोध किया तो दोनों भाइयों ने तमंचा निकाल लिया और जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया. इस हमले में दरोगा और हेड कांस्टेबल बाल-बाल बचे. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी पुलिस को अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए.

SP के दखल के बाद एक्शन

घटना के तुरंत बाद जब पीड़ित पुलिसकर्मियों ने इसकी जानकारी थाने में दी तो भारी पुलिस बल मौके पर तो पहुंचा. लेकिन मामले की गंभीरता को समझते हुए भी स्थानीय पुलिस ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी. घटना के करीब 24 घंटे बाद जब पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के संज्ञान में यह मामला आया तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई.

इस मामले पर बात करते हुए सीओ इशिता सिंह ने बताया कि '26 मई को थाना तिलहर क्षेत्र के बंदी चक गांव से फर्जी लोन के जरिए बाइक और गाड़ी खरीदने के संबंध में एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था. मौके पर जांच करने पहुंचे दरोगा के साथ दोनों आरोपियों ने अभद्रता, बदसलूकी और हमला किया. जांचकर्ता दरोगा की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. एक आरोपी नकुल को तत्काल हिरासत में ले लिया गया है. जबकि दूसरे आरोपी गुड्डू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है. जल्द ही विवेचना का निस्तारण किया जाएगा.'