Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. SDM लालगंज वाचस्पति सिंह की 8 साल की बेटी को लालगंज सीएचसी में एक्सपायर दवा का इंजेक्शन लगा दिया गया है. बच्ची को तेज बुखार आया था, जिसके चलते उसे CHC में इलाज के लिए लाया गया था.
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इलाज के दौरान SDM की बेटी को पैरासिटामोल का इंजेक्शन लगाया गया, जो जून 2026 में ही एक्सपायर हो चुका था. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने तुरंत कार्रवाई की और दो फार्मासिस्टों को तत्काल सस्पेंड कर दिया. इसके साथ ही अस्पताल का दवा स्टोर भी सील कर दिया गया है.
बुखार आने पर गए थे अस्पताल
एसडीएम लालगंज वाचस्पति सिंह की 8 साल की बेटी श्रेयसी सिंह को तेज बुखार था. शुक्रवार को इलाज के लिए उसे लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया था. इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी ने बच्ची का बुखार उतारने के लिए पैरासिटामोल का इंजेक्शन लगाया था. यह इंजेक्शन जून 2026 में ही एक्सपायर हो चुका था.
जून 2026 में एक्सपायर था इंजेक्शन
इंजेक्शन लगने के बाद जब शीशी देखी गई, तो उस पर एक्सपायरी डेट जून 2026 लिखी हुई थी. गनीमत यह रही कि इस एक्सपायरी दवा से बच्ची के स्वास्थ्य पर तुरंत कोई असर नहीं हुआ और वह सुरक्षित है. एसडीएम वाचस्पति सिंह ने इस घोर लापरवाही की शिकायत तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और जिलाधिकारी से की.
एसडीएम ने उठाए गंभीर सवाल
इस घटना के बाद एसडीएम ने अस्पताल की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि 'जब एक प्रशासनिक अधिकारी की बेटी के इलाज में इस स्तर की लापरवाही बरती जा रही है, तो वहां रोजाना आने वाले आम ग्रामीण मरीजों के साथ क्या बर्ताव होता होगा?'
स्टोर सील, दो फार्मासिस्ट सस्पेंड
इस घटना के बाद प्रशान तुरंत हरकत में आया और प्रतापगढ़ के सीएमओ डॉ. एनके प्रसाद तुरंत लालगंज सीएचसी पहुंचे और अस्पताल के दवा स्टोर को सील कर दिया. लापरवाही के आरोप में स्टोर प्रभारी फार्मासिस्ट अरविंद कुमार शुक्ला और ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान दोनों को उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से अटैच किया गया है.
जांच के बाद होगी कठोर कार्रवाई
सीएमओ डॉ. एनके प्रसाद ने बताया कि प्राथमिक जांच के आधार पर निलंबन और स्टोर सील करने की कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर और अधिक कठोर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
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