Bahraich Crime News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक खौफनाक खबर सामने आई है. रुपईडीहा थाना क्षेत्र के बसंतपुर ऊदल गांव में बीती रात एक घर में चार लोगों की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड के पीछे की वजह प्रॉपर्टी का बंटवारा बताया जा रहा है. हत्या का आरोप परिवार के बड़े बेटे गुरूदेव ने अपने छोटे भाई निरंकार पर लगाया है. आरोप है कि जब पूरा परिवार नींद में था तभी निरंकार ने कुल्हाड़ी से अपने ही माता-पिता दादी और बहन की हत्या कर दी. आरोप के मुताबिक घर वालों के चींखने की आवाज सुनकर जब गुरूदेव बचाने पहुंचा तो निरंकार ने उसपर भी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. वहीं इसके बाद निरंकार ने खुद पर ईंट से हमला कर लिया.
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हालांकि गांव वालों ने इस हत्या के पीछे की जो कहानी सुनाई है वो गुरूदेव के आरोपों से बहुत अलग है. ऐसे में अब शक की निगाहें निरंकार के बड़े भाई गुरूदेव पर भी जा रही हैं. फिलहाल ये मामला पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है. साथ ही पुलिस इस केस की गुत्थी सुलझाने में लगी है कि आखिर असली हत्यारा बेटा कौन है?
सोते हुए परिवार पर कुल्हाड़ी से वार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी निरंकार का जमीन और गहनों के पैसों को लेकर अपने पिता से विवाद चल रहा था. बीती रात जब पूरा परिवार गहरी नींद में था तभी निरंकार ने कुल्हाड़ी उठाई और अपनी दादी शीतला देवी (82), पिता बदलू राम (62), माता संजू देवी (60) और बड़ी बहन पार्वती (35) पर हमला बोल दिया. उसने चारों के शरीर को कुल्हाड़ी से छलनी कर दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस दौरान सबकी चीख-पुकार सुनकर बड़ा भाई गुरुदेव बचाने पहुंचा तो निरंकार ने उस पर भी जानलेवा हमला कर दिया. हमले में गुरुदेव गंभीर रूप से घायल हो गया. ग्रामीणों को गुमराह करने और खुद को पीड़ित दिखाने के लिए आरोपी निरंकार ने अपने सिर पर ईंट मारकर खुद को लहूलुहान कर लिया.
गांव वालों के अलग की कहानी बता दी
गांव वालों का कहना है कि निरंकार की पत्नी कुछ समय पहले ही उसे छोड़कर भाग गई गई थी. वह अपने माता-पिता और दादी के साथ रहता था. वहीं निरंकार का बड़ा भाई एक ही घर में अलग रहता था. गांव वालों का कहना है कि गुरूदेव ने अपनी पत्नी को मारकर भगा दिया था. फिलहाल वह अपने 9 साल के बेटे आजाद के साथ रहता था. ग्रामीणों के मुताबिक गुरुदेव की संपत्ति बंटवारे को लेकर अपने माता-पिता से आए दिन कहासुनी होती थी. पिता अपने बड़े बेटे से सोने की मुहर में उसके छोटे भाई को हिस्सा देने का दबाव बनाते थे.
धर्मगुरु के कार्यक्रम से पहले मची मौत की चीखें
हैरानी की बात यह है कि पूरा परिवार 'बाबा जयगुरुदेव' का परम भक्त था. मृतक बदलू राम की बेटी पार्वती खास तौर पर गोंडा में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मायके आई थी. उसे क्या पता था कि उसका अपना भाई ही उसकी जान का दुश्मन बन बैठा है. गांव के लोग इस हत्याकांड के पीछे की कहानी को लेकर बंटे हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी निरंकार बेहद मिलनसार था जबकि उसका बड़ा भाई गुरुदेव गुस्सैल और सनकी स्वभाव का है. दबी जुबान में चर्चा है कि अगर निरंकार ने हत्या की तो उसने अपने उस भाई और भतीजे को क्यों छोड़ दिया जिससे उसका संपत्ति का विवाद था? फिलहाल पुलिस इन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है.
पुलिस कर रही जांच
एसपी ग्रामीण डीपी तिवारी ने बताया कि आरोपी निरंकार के खिलाफ उसके बड़े भाई गुरुदेव की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आरोपी की हालत गंभीर होने के कारण उसे केजीएमसी ट्रामा सेंटर लखनऊ भेजा गया है जहां पुलिस की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है.
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