Constable Jitendra Yadav Dismissed: ललितपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र यादव को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने बताया कि आरोपी आरक्षी जितेंद्र यादव पिछले कई महीनों से जांच के घेरे में थे. जितेंद्र यादव पर पुलिसकर्मियों से धन उगाही, एक महिला सहकर्मी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और भू-माफियाओं के साथ मिलकर जमीनों पर कब्जा कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.
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महिला पुलिसकर्मी को परेशान करने का भी लगा आरोप
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि साल 2025 में प्रधान लिपिक कार्यालय में नियुक्ति के दौरान जितेंद्र यादव पुलिसकर्मियों की लीव फाइल्स को पास कराने के नाम पर अवैध धन की मांग करते थे. इतना ही नहीं वह कार्यालय की रूटीन बातों को फोन में रिकॉर्ड कर लेते थे और बाद में उन्हीं रिकॉर्डिंग्स के आधार पर साथी पुलिसकर्मियों का मानसिक और आर्थिक शोषण करते थे. इसके साथ ही जितेंद्र यादव पर एक महिला सहायक लिपिक को अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का भी आरोप है. उन्हें महिला सहकर्मी के बारे में विभाग में गलत अफवाहें फैलाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का भी दोषी पाया गया है.
अपराधियों के साथ सांठगांठ की बात आई सामने
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी आरक्षी जनपद के अपराधियों के साथ मिलकर विवादित जमीनों पर कब्जा कराने के खेल में शामिल था. उसकी आपराधिक गतिविधियां पुलिस की गरिमा के विरुद्ध थीं जिससे विभाग की साख पर सवाल खड़े हो रहे थे.
4 महीने की जांच के बाद हुआ एक्शन
अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह के अनुसार, इस पूरे प्रकरण की जांच पिछले 4 महीनों से चल रही थी. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की नियमावली 1991 के नियम-14 के तहत की गई विभागीय कार्रवाई में जितेंद्र यादव को पूरी तरह दोषी पाया गया जिसके बाद उसे सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया.
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