'योगी जी हमें माफ कर दो...' क्रिमिनल वेरिफिकेशन के वक्त गाजियाबाद में पुलिस को देखते ही पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे अपराधी

Ghaziabad Criminal Verification News: गाजियाबाद में पुलिस के अपराधी सत्यापन अभियान के दौरान एक अनोखा और चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला. पुलिस के पहुंचते ही कई अपराधी पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए और भविष्य में अपराध न करने की शपथ लेते नजर आए.

Ghaziabad Criminal Verification News

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मयंक गौड़

• 08:39 AM • 16 Jun 2026

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Ghaziabad News: गाजियाबाद में पुलिस के अपराधी सत्यापन अभियान के दौरान एक अनोखा और चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला. पुलिस के पहुंचते ही कई अपराधी पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए और भविष्य में अपराध न करने की शपथ लेते नजर आए. डीसीपी धवल जायसवाल के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान में एक हजार से अधिक अपराधियों का सत्यापन (क्रिमिनल वेरिफिकेशन)किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जाएगी.

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पुलिस क्रिमिनल वेरिफिकेशन के लिए पहुंची थी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति का असर जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है. गाजियाबाद के कोतवाली क्षेत्र के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में जब पुलिस अपराधियों के सत्यापन अभियान के तहत पहुंची, तो कई अपराधी स्वयं पोस्टर और बैनर लेकर बाहर आ गए. यह दृश्य देखते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई.

पोस्टर लेकर अपराध न करने की शपथ

अभियान के दौरान दर्जनों अपराधी पोस्टर लेकर सड़कों पर आ गए. इन पोस्टरों पर अपराध न करने की शपथ लिखी हुई थी. कई लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार से माफी मांगते हुए भविष्य में अपराध से दूर रहने का संकल्प लिया. कुछ पोस्टरों पर लिखा था 'योगी जी हमें माफ कर दो, हम आगे से कोई अपराध नहीं करेंगे', जबकि कुछ पर 'हम वादा करते हैं कि भविष्य में किसी भी प्रकार का अपराध नहीं करेंगे' जैसे संदेश दर्ज थे.

डीसीपी के नेतृत्व में चल रहा सत्यापन अभियान

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, एसीपी उपासना पांडेय और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान चलाया जा रहा है. अभियान का उद्देश्य गैंगस्टर, लूट, महिला अपराध और अन्य गंभीर मामलों में संलिप्त अपराधियों का सत्यापन और चिन्हीकरण करना है. पुलिस का कहना है कि इससे उनकी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी.

एक हजार से अधिक अपराधियों की जांच

डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि इस अभियान के तहत एक हजार से अधिक अपराधियों का सत्यापन किया जा रहा है. पुलिस यह भी जानकारी एकत्र कर रही है कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में क्या काम कर रहा है और कहीं वह किसी नई आपराधिक गतिविधि में शामिल तो नहीं है. उनके पते, पहचान और गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है ताकि भविष्य में अपराध पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.