MLC Kamlesh Pathak Sentence: औरैया की एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार देते हुए 6 साल की सजा सुनाई है. वहीं उनके भाई संतोष और रामू पाठक सहित गैंग के 8 अन्य सहयोगियों को भी 5-5 साल के लिए जेल भेज दिया है. 15 मार्च 2020 को हुए अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी बहन सुधा की हत्या के बाद पुलिस ने जुलाई 2020 में इन पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी. सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को अलग-अलग जेलों से लाकर कोर्ट में पेश किया गया था. सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को वापस जेल भेज दिया गया. हालांकि इस मामले में आरोपी गनर अवनीश प्रताप सिंह को साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया है.
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क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 15 मार्च 2020 का है. जब औरैया के नारायणपुर स्थित पंचमुखी मंदिर परिसर में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की सरेआम हत्या कर दी गई थी. इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था. तत्कालीन कोतवाल ने 11 जुलाई 2020 को कमलेश पाठक समेत 11 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी. अदालत ने जिन लोगों को जेल भेजा है उनमें कमलेश पाठक (पूर्व एमएलसी, संतोष पाठक और रामू पाठक, कुलदीप अवस्थी, विकल्प अवस्थी, राजेश शुक्ल, शिवम अवस्थी, आशीष दुबे और रविंद्र उर्फ लाला चौबे शामिल हैं. वहीं इनके अलावा एक अन्य आरोपी किशोर है जिसकी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है.
सजा सुनाए जाने के बाद वादी के भाई संजय चौबे ने कहा कि कमलेश पाठक पर लगभग 40 आपराधिक मुकदमे हैं. लेकिन पहली बार उन्हें सजा मिली है. हालांकि मुख्य मर्डर केस का फैसला अभी आना बाकी है. लेकिन गैंगस्टर एक्ट में मिली इस जीत के लिए उन्होंने माननीय न्यायालय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया.
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