आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति की मौत के बाद बेटी स्मृता ने अधिकारीयों पर लगाए ये तीन बड़े आरोप, तो DM धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कह दी ये बात

Shahjahanpur News: शाहजहांपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति की मौत के बाद उनकी बेटी का भावुक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें चार महीने से वेतन न मिलने और काम के दबाव के आरोप लगाए गए हैं. डीएम ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं, जबकि डीपीओ ने आरोपों से इनकार किया है.

विनय पांडेय

• 12:23 PM • 04 Apr 2026

follow google news

Shahjahanpur News: शाहजहांपुर में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत के बाद उठे सवालों ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है. मां के निधन के बाद बेटी का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी मां की पीड़ा और उनके साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाती नजर आ रही है. वीडियो में बेटी का दर्द साफ झलक रहा है जहां वह सैलरी न मिलने, अत्यधिक काम के दबाव और अधिकारियों के कथित व्यवहार को अपनी मां की बिगड़ती हालत की वजह बता रही है. इस घटना ने न सिर्फ प्रशासन को सक्रिय कर दिया है बल्कि आम लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि विभागीय अधिकारी अरोपों से साफ इनकार कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें...

बेटी ने मां की परेशानी को लेकर लगाए गंभीर आरोप

बता दें कि शाहजहांपुर के गदियाना मोहल्ला की रहने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति की मौत के बाद उनकी बेटी स्मृता शंखवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में स्मृता अपनी मां के साथ बीते महीनों में हुई परिस्थितियों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाती दिखाई दे रही हैं.

स्मृता का कहना है कि उनकी मां पिछले कई महीनों से मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि करीब चार महीने से उनकी मां को सैलरी नहीं मिली थी, जिससे उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी. इसके अलावा विभागीय कार्यों का दबाव भी काफी ज्यादा था, जिसने उनकी मां की मानसिक स्थिति को और खराब कर दिय.

स्मृता ने बताया कि "मेरी मां आंगनबाड़ी में काम करती थीं. बीते चार महीने से उनकी सैलरी नहीं आई थी. जब हम डीपीओ के पास गए तो उन्होंने बुरा-भला कहा. लगातार काम का दबाव था. बीएलओ की ड्यूटी, एसआईआर का काम सब एक साथ दे दिया गया था. पहले से उनकी तबीयत खराब थी फिर भी उनसे काम कराया जा रहा था. इतना सब वह सहन नहीं कर पाईं और उनकी मौत हो गई."

मानसिक दबाव और बीमारी से जूझ रही थीं प्रीति

स्मृता ने यह भी बताया कि उनकी मां धीरे-धीरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन की स्थिति में पहुंच गई थीं. उन्होंने कहा कि "मम्मी डिप्रेशन में रहने लगी थीं. पता नहीं कौन सी बात उन्हें इतनी लग गई कि वह लगातार तनाव में रहने लगीं और उनकी हालत गिरती चली गई." उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां का इलाज शेखर अस्पताल में चल रहा था. स्मृता के अनुसार, "लगभग एक महीने से ज्यादा समय हो चुका था, जब आखिरी बार मुलाकात हुई थी. मम्मी का इलाज शेखर अस्पताल में चल रहा था. वहां पहले डॉक्टर कहते रहे कि सब ठीक कर देंगे लेकिन आखिरी समय में कह दिया कि अब उनके पास पर्याप्त सुविधा नहीं है और उन्हें लारी ले जाने को कहा''. उन्होंने कहा कि जब सुविधा नहीं थी, तो एडमिट क्यों किया गया? बाद में उन्हें बताया गया कि प्रीति को निमोनिया हो गया था और उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया गया था. परिवार ने यह भी बताया कि उन्हें ठंड से एलर्जी थी, जिसकी जानकारी अस्पताल को दी गई थी.

वीडियो सामने आते ही DM ने दिए जांच के आदेश

वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है. जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

जिलाधिकारी ने कहा कि "मैंने वीडियो देखा है. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और मेरी पूरी संवेदना परिवार के साथ है. वीडियो में उठाए गए सभी बिंदुओं जैसे काम के दबाव, भुगतान न होने और अन्य आरोपों की जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट को जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि आज ही शाम तक पूरी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें. जो भी दोषी पाया जएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही परिवार को हर संभव सहायता देने के लिए प्रशासन तत्पर है."

डीपीओ ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद रस्तोगी ने लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि मानदेय भुगतान को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं. उन्होंने कहा कि "हमें भी यह वीडियो संज्ञान में आया है. सबसे पहले मैं हमारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता हूं. जहां तक मानदेय भुगतान की बात है, मैंने आज सुबह ही इसका स्टेटमेंट निकाला है. भुगतान ऑनलाइन प्रणाली से किया जाता है और रिकॉर्ड के अनुसार मार्च 2026 तक का भुगतान उनके खाते में जा चुका है."

अभद्र व्यवहार के आरोपों पर भी उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि "हमारे कार्यालय में किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया जाता है. जहां तक एसआईआर और अन्य कार्यों का सवाल है, पूरे जनपद की सभी कार्यकर्ताओं ने विभागीय कार्य और एसआईआर का काम जिम्मेदारी से किया है. इस प्रकार के आरोपों का कोई आधार नहीं है."

यह भी पढ़ें: Amethi Harassment News: नहर किनारे किशोरी के साथ छेड़छाड़, दो आरोपियों पर मामला दर्ज