बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में तेंदुए के हमले में छह वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई है. बीते एक पखवाड़े में जिले के विभिन्न स्थानों पर तेंदुए और बाघ के हमलों में यह पांचवें बच्चे की मौत है.
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के वन अधिकारी आकाशदीप बधावन ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रभाग के अंतर्गत मोतीपुर रेंज के नौसर गुमटिहा गांव का इलियास शनिवार को हमला प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने में वनकर्मियों की मदद कर रहा था. उन्होंने कहा कि इलियास का छह वर्षीय पुत्र साहिल कुछ बच्चों के साथ घर के बाहर आंगन में खेल रहा था कि तभी जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने उसकी गर्दन दबोच ली.
बधावन ने कहा कि ग्रामीणों ने शोर मचाया तो तेंदुआ साहिल को छोड़कर जंगल की तरफ चला गया और जब तक ग्रामीण व वनकर्मी बच्चे के पास पहुंचे तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.
उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.
गौरतलब है कि नौसर गुमटी गांव के मजरे खटिकनपुरवा में शुक्रवार को तेंदुए ने हमला कर एक बच्ची को मार डाला था. इससे पहले 17 तारीख को मोतीपुर रेंज के ही पकड़िया दीवान और मंगलपुरवा गांवों में तेंदुए के हमलों में दो बच्चों की मौत हो गई थी. इसके अलावा बहराइच वन प्रभाग में भी गत आठ जनवरी को अब्दुल्लागंज जंगल से सटे चेनैनी गांव की 12 वर्षीय एक बच्ची को बाघ ने हमला कर मार डाला था.
अधिकारी ने बताया कि कतर्नियाघाट जंगल के अलग-अलग इलाकों में हुए इन हमलों के सभी मामलों में 10-10 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे के लिए वन विभाग ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट दे दी है और शेष औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र मुआवजा दिया जाएगा.
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