इटावा में सास और पत्नी को मारने के बाद सत्येंद्र यादव ने बीवी के पैर से निकाल ली थी पायल, सामने आ गई पूरी सच्चाई

अमित तिवारी

• 01:56 PM • 22 Aug 2026

इटावा के भरथना में मां-बेटी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है. कोर्ट केस और बढ़ते भरण-पोषण के डर से पति ने रिश्तेदार संग साजिश रची. नशीली दवा देकर दोनों की हत्या की गई. मुठभेड़ में मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुआ.

Etawah Crime News

Etawah Crime News

Google CTA

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र अंतर्गत चंदेठी गांव में हुए मां-बेटी के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. 17 अगस्त को घर में मिले पुष्पा देवी और उनकी बेटी मंजू यादव के शव के मामले में मृतका का पति सत्येंद्र यादव ही मुख्य आरोपी निकला. पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पूछताछ में हत्या की जो वजह और हैवानियत भरी वारदात बताई उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए.

यह भी पढ़ें...

कोर्ट केस और खर्च बढ़ने के डर से रची साजिश

पुलिस पूछताछ में आरोपी सत्येंद्र यादव ने बताया कि उसकी पत्नी मंजू यादव उससे अलग अपने मायके में रह रही थी. उसने कोर्ट में भरण-पोषण और घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया था. अदालत ने सत्येंद्र को ₹3 लाख नकद और हर महीने ₹7000 भरण-पोषण देने का आदेश दिया था.

सत्येंद्र को आशंका थी कि ससुराल वाले दोबारा कोर्ट जाकर इस राशि को बढ़ाकर 20 से 25 हजार रुपये प्रति माह न करवा लें. इस डर से उसने अपनी सास और पत्नी को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. इसके लिए उसने अपनी मक्के की फसल बेचकर मिले ₹5 लाख में से ₹2.5 लाख अपने रिश्तेदार मुकेश यादव को इस साजिश में शामिल करने के लिए दिए.

कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवा और दराती से रेता गला

15 अगस्त 2026 की शाम आरोपी सत्येंद्र अपने रिश्तेदार मुकेश के साथ नशीली दवा मिली कोल्ड ड्रिंक लेकर ससुराल पहुंचा. इसके बाद सास और पत्नी को कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश कर दिया गया जिसके बाद गला रेतकर दोनों की हत्या कर दी गई.

लाश से उतारी पायल

हैवानियत की हद तब पार हो गई जब हत्या के बाद आरोपी ने खुन्नस में अपनी मृत पत्नी के पैरों से सुहाग का प्रतीक मानी जाने वाली पायल भी उतार ली. आरोपी का कहना था कि वह अपनी पत्नी को मृत स्थिति में भी सुहागन नहीं देखना चाहता था.

एनकाउंटर में गिरफ्तारी और बरामदगी

20 और 21 अगस्त की दरमियानी रात भरथना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने तुरैया पुल के पास घेराबंदी कर मुख्य आरोपी सत्येंद्र यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले वारदात में शामिल उसके सहयोगी मुकेश यादव को भी पुलिस ने मुठभेड़ में दबोच लिया था. पुलिस ने आरोपी के पास से 315 बोर का तमंचा, कारतूस और मृतका के पैर से उतारी गई पायल बरामद कर ली है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी.