हरीश राणा मंगलवार को गहरे सन्नाटे में विलीन हो गए. साल 2013 में एक हादसे के बाद कोमा में गए हरीश का बुधवार सुबह दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके निधन की खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर शोक की लहर दौड़ गई.
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पिता का वो आखिरी संदेश
हरीश के निधन के बाद पिता अशोक राणा ने अपनी सोसाइटी के ग्रुप में एक संक्षिप्त लेकिन हृदयविदारक मेसेज शेयर किया. उन्होंने लिखा, "सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर (हरीश राणा जी) का अंतिम संस्कार ग्रीन पार्क, साउथ दिल्ली में किया जाएगा… ॐ शांति ॐ...". इस छोटे से संदेश ने लोगों को झकझोर कर रख दिया.
हादसे से कोमा तक का सफर
हरीश राणा 2013 में अपने हॉस्टल की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे. इस हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद वे कोमा में चले गए. तब से लेकर अब तक उनकी जिंदगी मशीनों और लाइफ सपोर्ट सिस्टम के सहारे सिमटी रही. पिता अशोक राणा और पूरे परिवार ने वर्षों तक हर संभव इलाज कराया, लेकिन सुधार की कोई किरण नजर नहीं आई.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला और एम्स में प्रक्रिया
जब उम्मीदें खत्म होने लगीं तब परिवार ने एक कठिन रास्ता चुना. 11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए हरीश राणा को पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की अनुमति प्रदान की. 14 मार्च को उन्हें एम्स के पेलिएटिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया. विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चरणबद्ध तरीके से लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई. इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि उन्हें कोई दर्द न हो और उन्हें लगातार पेनकिलर्स दिए गए.
एम्स का आधिकारिक बयान
एम्स प्रशासन ने पुष्टि की है कि हरीश राणा का निधन 24 मार्च 2026 को शाम 4:10 बजे हुआ. संस्थान ने बताया कि पूरी प्रक्रिया मेडिकल प्रोटोकॉल और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पूरी की गई.
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