6 फीट लंबे छात्र को कार की डिक्की में लादकर ले गए अस्पताल, पुणे के कॉलेज में बस्ती के विशाल की बास्केटबॉल खेलते समय यूं हुई मौत

Basti Student Death Pune: तोलानी मैरीटाइम इंस्टीट्यूट में बास्केटबॉल खेलते समय जर्जर पोल गिरने से बस्ती के होनहार छात्र विशाल वर्मा की दर्दनाक मौत.। परिजनों का आरोप है कि कॉलेज की लापरवाही और समय पर एम्बुलेंस न मिलने के कारण छात्र ने दम तोड़ा.

Basti Student Death Pune

संतोष सिंह

07 Apr 2026 (अपडेटेड: 07 Apr 2026, 01:30 PM)

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Basti Student Death Pune: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के एक होनहार छात्र की पुणे के नामी संस्थान में दर्दनाक मौत ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. करोड़ों की फीस लेने वाले संस्थान की लापरवाही ने एक किसान पिता के सपनों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया है.

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बस्ती जिले का रहने वाले विशाल वर्मा पुणे के तलेगांव स्थित तोलानी मैरीटाइम इंस्टीट्यूट में बीटेक (मरीन इंजीनियरिंग) सेकेंड ईयर के स्टूडेंट थे. घटना वाले दिन विशाल कॉलेज के मैदान में बास्केटबॉल खेल रहा थे, तभी लोहे का एक भारी और जर्जर पोल अचानक उखड़कर सीधे उनके सिर पर जा गिरा. चश्मदीद छात्रों और परिजनों का आरोप है कि पोल पूरी तरह जंग लगा हुआ था और पिछले 10-15 सालों से इसका मेंटेनेंस नहीं हुआ था. इस हादसे में विशाल का सिर बुरी तरह फट गया और मैदान पर ही उनका काफी खून बह गया.

40 मिनट तक तड़पते रहे विशाल, डिक्की में डालकर ले गए अस्पताल

विशाल की बहन और परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर हत्या के समान लापरवाही का आरोप लगाया है. मृतक की बहन के अनुसार, हादसे के बाद करीब 25 से 40 मिनट तक विशाल खून से लथपथ जमीन पर पड़े रहे, लेकिन कॉलेज प्रशासन एंबुलेंस मुहैया नहीं करा सका. छात्र चिल्लाते रहे, लेकिन न तो वॉर्डन आए और न ही फैकल्टी मेंबर ने हाथ लगाया. अंत में 6 फीट लंबे विशाल को एक निजी कार की डिक्की में डालकर अस्पताल ले जाया गया. समय पर इलाज न मिलने और काफी खून बह जाने के कारण विशाल की जान चली गई.

किसान पिता ने सब कुछ बेचकर भरी थी लाखों की फीस

विशाल के पिता एक साधारण किसान हैं जिन्होंने बेटे को बड़ा अधिकारी बनाने के लिए अपनी जमापूंजी लगा दी थी. रोते हुए पिता ने बताया कि वे हर सेमेस्टर में करीब 4 लाख रुपये तक की फीस भर रहे थे. चौथे सेमेस्टर की परीक्षा होने वाली थी लेकिन उससे पहले ही कॉलेज की लापरवाही ने उनके बेटे को छीन लिया. 

परिजनों का दावा है कि छात्रों ने पहले भी जर्जर उपकरणों की शिकायत की थी, लेकिन मैनेजमेंट ने कोई ध्यान नहीं दिया. अब पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री और प्रशासन से इंसाफ और जिम्मेदार कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है.