50 मीटर लंबा निर्माणाधीन पुल अचानक भरभरा गिरा..., हरदोई में इस बड़े हादसे के मलबे में 3 लोग दबे, CM योगी ने तुरंत दिए ये निर्देश

प्रशांत पाठक

• 01:23 PM • 22 Jun 2026

Hardoi Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में नेशनल हाईवे-731 (NH-731) पर एक बड़ा हादसा हुआ है. यहां बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के सैदपुर के पास एक 50 मीटर लंबा निर्माणाधीन पुल अचानक भरभरा कर गिर गया.

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Hardoi Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में नेशनल हाईवे-731 (NH-731) पर एक बड़ा हादसा हुआ है. यहां बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के सैदपुर के पास एक 50 मीटर लंबा निर्माणाधीन पुल अचानक भरभरा कर गिर गया. इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटनास्थल पर प्रशासन की टीम मौजूद है और राहत एवं बचाव का काम किया जा रहा है.

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लिंटर गिरने से हुआ बड़ा हादसा

मौके पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें इस हादसे की सूचना सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर मिली थी. शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हादसा पुल का लिंटर गिरने की वजह से हुआ, जिसके कारण 50 मीटर लंबा निर्माणाधीन हिस्सा ढह गया. मलबे में दबे तीन मजदूरों को निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस गंभीर हादसे का तत्काल संज्ञान लिया है. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही, सीएम योगी ने अधिकारियों को पीड़ित परिजनों से मिलकर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है.

तेज आवाज के साथ गिरा पुल, मची अफरातफरी

स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल गिरने के दौरान एक बहुत तेज आवाज आई थी, जिसे सुनकर आसपास के लोग सहम गए. इसके तुरंत बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की.

निर्माण कंपनी पर लापरवाही का आरोप

इस हादसे में घायल हुए मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गुस्साए परिजनों ने पुल का निर्माण कर रही कंपनी पर भारी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी निर्माण कंपनी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.