Kanwar Yatra: सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है और इसके साथ ही कांवड़ यात्रा का भी आगाज हो गया है. हरिद्वार से आने वाले लाखों शिव भक्त मुजफ्फरनगर जिले से होकर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आते हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मुजफ्फरनगर की सड़कों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. जिले में एटीएस, भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है. इसके साथ ही पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने कांवड़ मार्ग पर फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है.
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मुजफ्फरनगर की सड़कों पर बढ़ा पहरा
कांवड़ मेले की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले में एटीएस, पीएसी और आरआरएफ की लगभग नौ कंपनियों को तैनात किया गया है. इसके अलावा बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड और एंटी सबोटाज चेक टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा बल के साथ कांवड़ मार्ग पर फ्लैग मार्च निकाला. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नए भर्ती हुए सिपाहियों की भी अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटियां लगाई गई हैं.
ड्रोन और ऑटोमेटेड कैमरों से निगरानी
पूरे कांवड़ मार्ग पर नजर रखने के लिए 3 अस्थाई थाने, 39 पुलिस चौकियां और 12 वॉच टावर बनाए गए हैं. सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से लैस करते हुए विशेष ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है. संदिग्धों की पहचान के लिए खास तौर पर ऑटोमेटेड और फेस रिकॉग्निशन (चेहरा पहचानने वाले) कैमरे लगाए गए हैं. इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए डायवर्जन लागू कर एडवाइजरी जारी की गई है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित बनी रहे.
हादसा मुक्त यात्रा का लक्ष्य तय
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये सारे कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर किए जा रहे हैं. पुलिस की मुख्य प्राथमिकता कांवड़ यात्रा को पूरी तरह से दुर्घटनामुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है. कांवड़ शिविरों के लिए वन विंडो सिस्टम की व्यवस्था की गई है, वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग ढाबों की जांच कर रहा है. संवेदनशील इलाकों पर पुलिस की विशेष नजर है और किसी भी अराजक तत्व से सख्ती से निपटने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं.
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