उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. सरवट मोहल्ले में एक बंद मकान के भीतर 32 वर्षीय इरशाद, उनकी पत्नी नरीन और उनके दो मासूम बच्चों बेटी अक्षा और बेटा आदिलके शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिले हैं. पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.
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1500 की ईदी बनी मौत की वजह?
पुलिस सूत्रों और पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह 'ईदी' को लेकर हुआ घरेलू विवाद बताया जा रहा है. बताया गया है कि इरशाद ने अपनी विवाहित बहन को 1500 ईदी के तौर पर दिए थे. इस बात को लेकर पत्नी नरीन और उसके मायके वाले (मां और बहनें) नाराज थे, जिसके चलते परिवार में पिछले कुछ दिनों से भारी तनाव और तनातनी चल रही थी.
पहले परिवार को दिया जहर, फिर खुद की खुदकुशी
आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद से तंग आकर और आपसी झगड़े के बाद इरशाद ने खौफनाक फैसला लिया. प्राथमिक जांच के अनुसार, इरशाद ने पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाकर मौत के घाट उतार दिया और उसके बाद खुद भी जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. पुलिस को कमरे के भीतर से सुसाइड और जहर से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले हैं.
फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फॉरेंसिक टीम ने कमरे के भीतर से साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और समय का पता चल पाएगा. फिलहाल पुलिस मृतक के ससुराल पक्ष और अन्य रिश्तेदारों के बयान दर्ज कर रही है.
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