यूपी में आधी आबादी का सुरक्षा कवच बना मिशन शक्ति... अपराध मुक्त प्रदेश की ओर बढ़ते कदम!

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन का आधार बना 'मिशन शक्ति' अभियान. एंटी रोमियो स्क्वाड से लेकर कन्या सुमंगला योजना तक, जानें कैसे सशक्त हो रही है आधी आबादी.

यूपी तक

• 10:51 AM • 31 Mar 2026

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उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2020 में शुरू किया गया 'मिशन शक्ति' अभियान आज प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बन गया है. इस बहुआयामी अभियान के तहत एंटी रोमियो स्क्वाड, महिला हेल्प डेस्क और बीट पुलिसिंग प्रणाली के जरिए एक ऐसा सशक्त नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसने अपराधी तत्वों में खौफ और महिलाओं में अटूट विश्वास पैदा किया है. पिंक बूथ और महिला थानों की स्थापना से शिकायतों का त्वरित निवारण संभव हुआ है, जिससे अब यूपी की बेटियां घर से बाहर निकलते समय खुद को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं.

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यह मिशन केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ है. कन्या सुमंगला योजना, उज्ज्वला और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है. सरकारी नौकरियों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और स्वरोजगार के नए अवसरों ने आधी आबादी को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा है. सामूहिक विवाह योजना और वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी सुविधाओं ने गरीब और कामकाजी महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

मिशन शक्ति का दूरगामी विजन शिक्षा और कौशल विकास के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाकर 'विकसित उत्तर प्रदेश' के सपने को साकार करना है. आंगनबाड़ी सेवाओं में सुधार से लेकर राजस्व कानूनों में महिलाओं को मालिकाना हक दिलाने तक, इस अभियान ने समाज की सोच में एक सकारात्मक बदलाव पैदा किया है. आज उत्तर प्रदेश की महिलाएं न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं, बल्कि वे आत्मविश्वास के साथ हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं. यह अभियान 2047 तक प्रदेश को समृद्ध बनाने और महिलाओं को विकास में बराबर का भागीदार बनाने की दिशा में एक निर्णायक स्तंभ बन चुका है.