यूपी दरोगा भर्ती के अभ्यर्थियों संग खड़े हुए चंद्रशेख, बोले- 4543 पद नाकाफी, स्कोरकार्ड जारी करे सरकार

चंद्रशेखर आजाद की दादरी रैली. बहुजन भाईचारा संवाद में दरोगा भर्ती 2025 के पदों को बढ़ाने और स्कोरकार्ड की मांग. जानें 2027 चुनाव की सियासी हलचल.

यूपी तक

• 05:29 PM • 30 Mar 2026

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चंद्रशेखर आजाद की बहुजन भाईचारा संवाद रैली ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासी तपिश को और बढ़ा दिया है. दादरी के उसी मैदान से जहां अन्य दलों ने अपनी शक्ति दिखाई, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख ने भी मिशन-2027 का बिगुल फूँकते हुए युवाओं और शोषितों की आवाज बुलंद की है. बहुजन भाईचारा संवाद महा रैली के जरिए चंद्रशेखर आजाद ने सीधे तौर पर सत्ता पक्ष को चुनौती दी है. उन्होंने इस मंच को 'गरीबों का मंच' करार देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है, जिसका जवाब केवल संविधान की ताकत और एकजुटता से दिया जा सकता है.

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युवाओं से सीधा संवाद और दरोगा भर्ती का मुद्दा

रैली में सबसे ज्यादा चर्चा यूपी पुलिस दरोगा भर्ती 2025 की रही. चंद्रशेखर आजाद ने अभ्यर्थियों की मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि 5 साल के लंबे इंतजार के बाद आई भर्ती में पदों की संख्या (4543) ऊंट के मुंह में जीरे के समान है. उन्होंने सरकार से दो प्रमुख मांगें कीं:

  • पदों की संख्या में वृद्धि: रिक्तियों को बढ़ाकर कम से कम 2000 पद और जोड़े जाएं.
  • पारदर्शिता और स्कोरकार्ड: डीवीपीएटी (DV/PST) परिणामों के साथ हर अभ्यर्थी का व्यक्तिगत स्कोरकार्ड जारी किया जाए ताकि धांधली की गुंजाइश न रहे.

'वोट की चोट से बदलेंगे किस्मत'

तिकोनिया कांड का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर ने बहुजन समाज और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी मतदान की ताकत को पहचानें. उन्होंने कहा कि संघर्ष और मेहनत ही सफलता की कुंजी है और अब युवाओं को केवल भीड़ नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में आना होगा.

चुनावी तैयारियों का केंद्र बना नोएडा-दादरी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश इस समय सियासी जंग का मैदान बना हुआ है. एक तरफ जहां भाजपा ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भव्य उद्घाटन के जरिए अपने विकास कार्यों का प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी तरफ आजाद समाज पार्टी ने भाईचारा संवाद के माध्यम से दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक (PDA) समीकरणों को साधने की कोशिश की है.