प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों को ढाल बनाकर विपक्ष ने एक बार फिर रुपये की ऐतिहासिक गिरावट पर सरकार को घेरा है. लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने गिरते रुपये और देश की साख पर इसके प्रभाव को लेकर तीखे सवाल पूछे, जिस दौरान सदन में काफी गहमागहमी देखने को मिली.
ADVERTISEMENT
संसद में तकरार- सवाल पूछना छोड़ दूं क्या?
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव जब रुपये की गिरावट पर सरकार से जवाब मांग रहे थे, तभी लोकसभा अध्यक्ष द्वारा उन्हें बीच में टोकने पर विवाद बढ़ गया. नाराज सांसद ने यहाँ तक कह दिया कि अगर सवाल पूछने की स्वतंत्रता नहीं है तो वह प्रश्न पूछना छोड़ देंगे. हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पक्ष रखा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग लोकतंत्र में 'सवाल पूछने की आजादी' से जोड़कर देख रहे हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पलटवार
विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि रुपये की स्थिति को केवल गिरावट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह वैश्विक परिस्थितियों और सरकार की ठोस आर्थिक नीतियों का परिणाम है. उन्होंने आर्थिक स्थिति से जुड़ी तमाम शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष सरकार के जवाबों से असंतुष्ट नजर आया.
विवादित टिप्पणी और मौलाना की गिरफ्तारी
संसदीय बहस के बीच ही मार्च के महीने में बिहार के एक मौलाना द्वारा दी गई विवादित टिप्पणी का मामला भी फिर से चर्चा में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तारी के बाद मौलाना ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की बात कही है. यह मामला सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में 'मर्यादा और जिम्मेदारी' पर नई बहस छेड़ चुका है
ADVERTISEMENT









