मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम को यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बिहार के पूर्णिया जिले से गिरफ्तार कर लिया है. इस बयान के वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया.
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गिरफ्तारी के दौरान मचा हड़कंप
जब यूपी एसटीएफ की टीम ने मौलाना को उनके ठिकाने से उठाया, तो शुरुआत में स्थानीय लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे अपहरण समझ लिया था, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह एक विधिवत कानूनी कार्रवाई थी और मौलाना को विवादित टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया है.
मौलाना की सफाई- 'मुझसे गलती हुई, माफी मांगता हूं'
गिरफ्तारी के बाद मौलाना अब्दुल्ला सलीम के तेवर ढीले पड़ गए हैं. उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है. मौलाना ने अपील की है कि भविष्य में कोई भी अपनी भाषा में ऐसी अमर्यादित शब्दावली का प्रयोग न करें, जिससे किसी की धार्मिक या व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंचे. उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी बातें गलत थीं और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हुआ.
एनएसए (NSA) के तहत जांच की मांग
इस घटना पर राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. कई हिंदूवादी संगठनों और नेताओं ने मौलाना के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई करने की मांग की है. सुशासन समर्थकों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के परिवार, विशेषकर माता-पिता पर ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. फिलहाल, मौलाना को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है और कानूनी प्रक्रिया जारी है.
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