सीएम योगी की मां को अभद्र भाषा बोलने वाला मौलाना सलीम जब पकड़ा गया तो गिड़गिड़ाने लगा, Video में देखें क्या बोला?

आज का यूपी शो में देखें 27 IPS तबादलों का पूरा जातीय विश्लेषण. जानें कैसे योगी सरकार ने OBC-दलित कार्ड से विपक्ष को घेरा और योगी की मां पर टिप्पणी करने वाले मौलाना की गिरफ्तारी का पूरा सच.

यूपी तक

• 11:30 AM • 01 Apr 2026

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पेश है यूपी Tak का खास शो आज का यूपी जिसमें हम राज्य की तीन सबसे बड़ी खबरों का गहराई से विश्लेषण करते हैं. आज के बुलेटिन में सबसे पहले बात 27 IPS अधिकारियों के तबादलों की, जिसके जरिए योगी सरकार ने 2027 के चुनावी रण की बिसात बिछा दी है. दूसरी बड़ी खबर में हम आपको दिखाएंगे कि कैसे इस नई लिस्ट के साथ सरकार ने विपक्ष के ठाकुरवाद के आरोपों की हवा निकाल दी है. और आखिर में बात उस विवादित मौलाना की जिसे सीएम योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करना भारी पड़ा और अब वह जेल की सलाखों के पीछे हाथ जोड़कर माफी मांग रहा है.

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यूपी में बड़ी प्रशासनिक फेरबदल, 13 जिलों को मिले नए कप्तान


उत्तर प्रदेश में चुनावी साल की आहट के बीच योगी सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को नए सिरे से तैयार करना शुरू कर दिया है. बीती शाम शासन ने 27 IPS अधिकारियों के तबादले की लिस्ट जारी की, जिसमें 13 जिलों के पुलिस कप्तानों (SP/SSP) को बदल दिया गया है.

प्रमुख रूप से फिरोजाबाद, एटा, शाहजहांपुर, रामपुर, मऊ, बहराइच, अमरोहा, जालौन, महोबा, महाराजगंज और चंदौली जैसे महत्वपूर्ण जिलों में नए चेहरों की तैनाती की गई है. माना जा रहा है कि यह फेरबदल केवल रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले फील्ड पोस्टिंग में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की एक बड़ी कवायद है.

PDA की काट, नई लिस्ट में OBC और दलितों को दी प्राथमिकता

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लगातार सरकार पर ठाकुरवाद का आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन नई आईपीएस लिस्ट इन आरोपों को खारिज करती दिख रही है. आज का यूपी के विश्लेषण के अनुसार, सरकार ने इस बार OBC और दलितों पर बड़ा दांव खेला है.

जातीय समीकरणों का विश्लेषण:

  • पिछड़ों और दलितों का बोलबाला: कुल 13 जिला कप्तानों में से 4 OBC और 3 SC/ST वर्ग से हैं.
  • सवर्णों का कोटा: सवर्ण वर्ग से 4 अधिकारी तैनात किए गए हैं, जिनमें 2 ब्राह्मण और मात्र 1 ठाकुर बिरादरी से हैं.
  • सामाजिक संतुलन: लिस्ट में 50% से अधिक भागीदारी पिछड़ों और दलितों की है.

साफ है कि बीजेपी अब अखिलेश यादव के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले का मुकाबला करने के लिए यादव और पटेल जैसे समुदायों को मुख्यधारा के पदों पर तैनात कर रही है.

कानून का इकबाल- बिहार से दबोचा गया विवादित मौलाना, अब गिड़गिड़ाते हुए मांग रहा माफी

आज की तीसरी बड़ी खबर बिहार के पूर्णिया-अररिया बॉर्डर से है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी और गाय पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम को UP STF ने एक फिल्मी स्टाइल ऑपरेशन में गिरफ्तार कर लिया है. प्रदेश के करीब 85 थानों में दर्ज मुकदमों के बाद पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी.

सलाखों के पीछे बदला सुर:

गिरफ्तारी के बाद जिस मौलाना की तकरीर में पहले आग उगलने वाले शब्द थे, अब वह कैमरे के सामने हाथ जोड़कर खड़ा है. मौलाना ने अपना जुर्म कबूलते हुए कहा, "मुझसे बड़ी भूल हुई, मेरी जुबान से ऐसी गंदी बातें नहीं निकलनी चाहिए थीं." उसने सीएम योगी और पूरे देश से माफी मांगते हुए दूसरे धर्मगुरुओं को भी मर्यादित भाषा इस्तेमाल करने की नसीहत दी है. फिलहाल, मौलाना को जेल भेज दिया गया है.