उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक सास ने अपनी विधवा बहू की जिंदगी दोबारा संवारने के लिए बड़ा फैसला लिया. पति की मौत के बाद बहू और उसकी दो छोटी बच्चियों की जिम्मेदारी देखते हुए सास सुनीता ने मीनाक्षी की दूसरी शादी कराने का फैसला किया. बहू की सहमति से राजस्थान के नारायणपुर निवासी योगेश के साथ उसका विवाह आर्य समाज मंदिर में कराया गया.
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मीनाक्षी के देवर मोहित ने भाई की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया. सास ने भी मां की तरह अपनी बहू को विदा किया. परिवार के इस फैसले की चर्चा अब मुजफ्फरनगर में हो रही है.
24 घंटे में उजड़ गया था पूरा परिवार
मीनाक्षी की शादी करीब 10 साल पहले हरिद्वार के बहादुरपुर निवासी रोहित के साथ हुई थी. दोनों का परिवार ठीक चल रहा था. उनकी सात साल की बेटी रितु और डेढ़ साल की बेटी अविका हैं.
अगस्त में परिवार पर लगातार दो बड़े दुख टूट पड़े. 14 अगस्त को रोहित के पिता राज मिस्त्री ओमपाल का कैंसर से निधन हो गया. पिता की मौत के सदमे से परिवार उबर भी नहीं पाया था कि अगले ही दिन 15 अगस्त को रोहित की भी अचानक मौत हो गई. महज 24 घंटे के भीतर परिवार में पिता और बेटे की मौत हो गई.
बहू और दोनों बच्चियों को देखकर लिया फैसला
खतौली कस्बे के दयालपुरम स्थित घर में जवान बहू और उसकी दो छोटी बच्चियों को देखकर सास सुनीता ने मीनाक्षी की दूसरी शादी कराने का फैसला किया. इस फैसले में मीनाक्षी की सहमति भी थी.
इसके बाद राजस्थान के नारायणपुर निवासी योगेश के साथ मीनाक्षी का रिश्ता तय किया गया. योगेश नारायणपुर में चाट की दुकान चलाते हैं. बुधवार को आर्य समाज मंदिर में दोनों की शादी कराई गई. शादी के बाद सुनीता ने अपनी बहू को मां की तरह विदा किया.
देवर ने किया कन्यादान, निभाएंगे रिश्ता
मीनाक्षी की दूसरी शादी में उसके देवर मोहित ने भाई की जिम्मेदारी निभाई. उन्होंने कन्यादान समेत शादी की सभी जरूरी रस्में पूरी कीं. शादी के बाद मीनाक्षी अपने नए जीवन को लेकर खुश नजर आई.
सास सुनीता और देवर मोहित का कहना है कि शादी के बाद उनका मीनाक्षी से रिश्ता खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि वे आगे भी अपनी बेटी और बहन की तरह मीनाक्षी के साथ रिश्ता निभाते रहेंगे.
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