अयोध्या के संत समाज में महंत राजकुमार दास एक जाना-पहचाना नाम हैं. श्रीरामवल्लभाकुंज, जानकी घाट के महंत और मुख्य अधिकारी के तौर पर उनकी लंबे समय से पहचान है. धार्मिक मामलों के साथ-साथ वह अयोध्या से जुड़े सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखते रहे हैं.
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हाल के दिनों में उनका नाम बृजभूषण सिंह और बाबा रामदेव के बीच बातचीत कराने के संदर्भ में सामने आया है. इसके बाद एक बार फिर लोगों की नजर अयोध्या के इस संत पर गई है. आखिर महंत राजकुमार दास कौन हैं और रामनगरी में उनकी क्या भूमिका है?
श्रीरामवल्लभाकुंज के महंत हैं राजकुमार दास
महंत राजकुमार दास अधिकारी जी अयोध्या की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े प्रमुख संतों में गिने जाते हैं. वह श्रीरामवल्लभाकुंज, जानकी घाट के महंत और मुख्य अधिकारी हैं. संत समाज में वह धार्मिक विषयों के साथ अयोध्या के सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों पर भी सक्रिय रहते हैं.
उनकी भूमिका सिर्फ मंदिर की धार्मिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है. अयोध्या के संत समाज से जुड़े मुद्दों और रामनगरी से संबंधित कई विषयों पर वह समय-समय पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे हैं.
रामजन्मभूमि ट्रस्ट की धर्म समिति से जुड़े
महंत राजकुमार दास की सार्वजनिक भूमिका को उस समय और महत्व मिला, जब जुलाई 2026 में उन्हें श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धर्म समिति का सदस्य नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई.
इसके बाद राममंदिर से जुड़े धार्मिक विषयों और अयोध्या के संत समाज से संबंधित मामलों में उनकी भूमिका अहम हो गई. हाल के दिनों में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए सीईओ के चयन को लेकर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी थी.
गुरु से मिली आध्यात्मिक विरासत
महंत राजकुमार दास अनंत श्रीविभूषित पं. श्री हरिनाम दास वेदांती जी महाराज के शिष्य हैं. इसी गुरु परंपरा से मिली आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए वह श्रीरामवल्लभाकुंज की धार्मिक परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं.
अयोध्या में संत परंपरा और धार्मिक आयोजनों से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है. संत सम्मेलन हों या धार्मिक और सामाजिक मुद्दे, वह इन गतिविधियों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं.
‘अधिकारी जी’ के नाम से भी पहचान
अयोध्या के धार्मिक हलकों में महंत राजकुमार दास को सम्मान के साथ ‘अधिकारी जी’ भी कहा जाता है. श्रीरामवल्लभाकुंज की परंपरा और संत समाज में उनकी सक्रिय भूमिका के चलते पहचान व्यापक हुई है.
श्रीरामवल्लभाकुंज के महंत के तौर पर मंदिर की धार्मिक परंपराओं को संभालने के साथ-साथ श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धर्म समिति के सदस्य के रूप में भी उनकी जिम्मेदारी है. यही वजह है कि अयोध्या के धार्मिक मामलों से जुड़े विमर्श में उनका नाम लगातार सामने आता रहा है. संत परंपरा, धार्मिक मामलों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी उनकी सक्रियता ने महंत राजकुमार दास को रामनगरी के प्रमुख संत चेहरों में जगह दी है.
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