उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं. उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश को दो बड़ी सौगातें देंगे. इनमें उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई का शिलान्यास और नमो भारत रैपिड रेल के साथ मेरठ मेट्रो का उद्घाटन शामिल है.
ADVERTISEMENT
सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब
सोमवार को बजट सत्र के दौरान विधान परिषद को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज जल, थल और नभ तीनों ही रास्तों से बेहतरीन कनेक्टिविटी वाला राज्य बन चुका है. उन्होंने जानकारी दी कि 21 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी गौतमबुद्ध नगर में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखेंगे. यह कदम उत्तर प्रदेश को उच्च-तकनीकी विनिर्माण के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का तोहफा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 22 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ 'नमो भारत' कॉरिडोर के बचे हिस्सों का उद्घाटन करेंगे. यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां को मेरठ के मोदीपुरम से जोड़ेगा. इसके साथ ही 23 किलोमीटर लंबे मेरठ मेट्रो कॉरिडोर का भी शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें कुल 13 स्टेशन हैं.
अधिकारियों के अनुसार, इस कॉरिडोर के पूरे होने से दिल्ली और मेरठ के बीच का सफर बेहद आसान हो जाएगा. इसमें दिल्ली के सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक का 5 किलोमीटर का हिस्सा और मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम तक का 21 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है. इस पूरे रास्ते में आनंद विहार, गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर जैसे प्रमुख स्टेशन आएंगे, जो व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ेंगे.
मुख्यमंत्री योगी ने 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा कि पहले मेरठ से दिल्ली जाने में करीब तीन घंटे लगते थे और सुरक्षा की भी कोई गारंटी नहीं थी. उन्होंने कहा, "आज 12 लेन के हाईवे के कारण यह दूरी मात्र 45 मिनट में तय की जा सकती है. अब रैपिड रेल के आने से यह सफर और भी सुव्यवस्थित और तेज हो जाएगा." उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार होने से विकास को गति मिली है.
यूपी में बना एक्सप्रेसवे और रेलवे का जाल
सीएम योगी ने बताया कि आज भारत के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 55 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में है. राज्य में एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा जाल है, जहां कुल 22 एक्सप्रेसवे की योजना है. इनमें से 7 चालू हैं. 5 पर काम चल रहा है और 10 अन्य पाइपलाइन में हैं. साथ ही, उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क भी मौजूद है. मेट्रो सेवाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के छह कॉरिडोर में मेट्रो चल रही है और मेरठ का नया कॉरिडोर 22 फरवरी से शुरू हो जाएगा.
हवाई सेवाओं की चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब उनकी सरकार आई थी, तब राज्य में केवल दो हवाई अड्डे पूरी तरह काम कर रहे थे. आज उत्तर प्रदेश में 16 एयरपोर्ट हैं, जिनमें से 4 अंतरराष्ट्रीय हैं. जेवर में बन रहा देश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी तैयार है और इस महीने प्रधानमंत्री की मौजूदगी में इसे आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. खास बात यह है कि जेवर में देश का पहला MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) हब भी बनाया जा रहा है, जहां विमानों की मरम्मत और देखरेख होगी.
आखिर में मुख्यमंत्री ने जलमार्गों के विकास पर भी बात की. उन्होंने कहा कि वाराणसी से हल्दिया तक जलमार्ग विकसित किया जा चुका है और रामनगर, चंदौली, मिर्जापुर व गाजीपुर के टर्मिनलों को अपग्रेड किया जा रहा है. इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश अब देश का प्रमुख कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स हब बनकर उभर रहा है.
ADVERTISEMENT









