Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. सदर बाजार के तेली मोहल्ला में रहने वाली 34 साल की प्रियंका बिस्वास की मौत के बाद उसका शव सम्मानजनक अंतिम संस्कार के बजाय 4 महीने तक घर के एक बंद कमरे में रद्दी और कबाड़ के बीच सड़ता रहा. खुद प्रियंका का पिता उदयभान बिस्वास शव की दुर्गंध छिपाने के लिए परफ्यूम छिड़कता रहा और फिर कमरे को ताला लगाकर हरिद्वार चला गया. शुक्रवार को जब कमरा खुला तो अंदर सिर्फ एक कंकाल बचा था. अब प्रियंका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है जिसने इस रहस्य को और गहरा दिया है.
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
प्रियंका के शव का पोस्टमॉर्टम कर दिया गया है. लेकिन डॉक्टरों के लिए भी मौत की वजह बताना एक बड़ी चुनौती बन गया है. डॉक्टरों के मुताबिक, शव लगभग 80% तक नष्ट हो चुका था और केवल हड्डियों का कंकाल ही बचा था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी भी चोट, घाव या फ्रैक्चर के निशान नहीं मिले हैं. चूंकि शरीर पर मांस या त्वचा नहीं बची थी इसलिए शुरुआती जांच में मौत के सटीक समय और कारण का पता नहीं चल पाया है. अब डीएनए जांच के जरिए पहचान की पुष्टि की जाएगी.
शव के साथ पिता की अजीबोगरीब हरकतें
पुलिस जांच में पता चला है कि प्रियंका की मौत दिसंबर के आसपास हुई थी. प्रियंका के रिटायर्ड पिता उदयभान ने पुलिस को बताया कि वह बीमार थी. मौत के बाद वह सदमे में था और तय नहीं कर पाया कि अंतिम संस्कार कैसे करे. चौंकाने वाली बात यह है कि वह कई दिनों तक उस सड़ती हुई लाश के साथ घर में रहा. बदबू फैलने पर वह परफ्यूम और रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करता था. बाद में वह घर बंद कर हरिद्वार चला गया और 4 महीने बाद लौटा.
रिश्तेदारों के शक ने खोला राज
यह मामला तब खुला जब प्रियंका के रिश्तेदारों को लंबे समय तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिली. शक होने पर जब उन्होंने उदयभान से सख्ती से पूछताछ की तब इस खौफनाक हकीकत का पता चला. सूचना मिलने पर पुलिस और FSL की टीम ने मौके पर पहुंचकर कंकाल को कब्जे में लिया. मोहल्ले के लोगों के बीच तंत्र-मंत्र की चर्चाएं भी थीं. हालांकि पुलिस ने फिलहाल ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की है.
पुलिस की जांच अब मोबाइल और CDR पर टिकी
मेरठ पुलिस अब प्रियंका के मोबाइल की तलाश कर रही है. पुलिस टीम उदयभान को लेकर हरिद्वार गई है ताकि उसका फोन बरामद किया जा सके. पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि प्रियंका आखिरी बार किसके संपर्क में थी और क्या वह वास्तव में बीमार थी या उसकी मौत के पीछे कोई और साजिश है.
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