मेरठ में शादी के बीच पहुंच गई पुलिस, सायरन की आवाज सुन दुल्हन को छोड़ भाग गया दूल्हा!

उस्मान चौधरी

• 06:37 PM • 11 Sep 2026

मेरठ में 20 साल के युवक से शादी कराई जा रही थी. सूचना मिलते ही पुलिस मंदिर पहुंची तो दूल्हा और बाराती बच्ची को मंडप में छोड़कर फरार हो गए. पुलिस ने बच्ची को बाल कल्याण समिति भेज दिया.खबर में जानें क्या है पूरा मामला.

Meerut Crime News

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कहते हैं सात फेरे सात जन्मों का पवित्र बंधन होते हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में इस रिश्ते की आड़ में कानून और बचपन दोनों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. जिस उम्र में हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उस उम्र में एक 13 साल की मासूम बच्ची का मंडप सजाकर उसे 20 साल के युवक की दुल्हन बनाया जा रहा था. शादी की रस्में पूरी होतीं उससे पहले ही पुलिस की गाड़ी का सायरन गूंज उठा. खाकी की गाड़ी देखते ही दूल्हे राजा और बारातियों की ऐसी सीटी-पिटी गुम हुई कि वे मंडप में ही मासूम को अकेला छोड़कर दुम दबाकर भाग निकले.

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शेरगढ़ी के मंदिर में रची जा रही थी गैरकानूनी शादी

यह सनसनीखेज मामला मेरठ के संवेदनशील मेडिकल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शेरगढ़ी इलाके का है. यहां एक स्थानीय मंदिर में कानून को दरकिनार कर बाल विवाह रचाया जा रहा था. गनीमत यह रही कि किसी जागरूक नागरिक ने गुप्त रूप से डायल 112 पर पुलिस को इसकी सूचना दे दी. सूचना मिलते ही मेडिकल थाना पुलिस बिना एक पल गंवाए एक्शन मोड में आई और सीधा मंदिर परिसर पहुंच गई.

मंडप में दुल्हन को छोड़ भागा दूल्हा 

पुलिस के अचानक पहुंचने से मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया. खाकी वर्दी देखते ही दूल्हा, उसके परिजन और दोनों पक्षों के रिश्तेदार मोंके से तितर-बितर हो गए. दूल्हा अपनी होने वाली नाबालिग दुल्हन को मंडप में ही छोड़कर फरार हो गया. जब पुलिस मंदिर के अंदर दाखिल हुई तो वहां केवल 13 साल की बच्ची और उसकी मां मौजूद थीं. पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर चौकी ले आई.

13 साल की दुल्हन और 20 साल का दूल्हा

पुलिस ने जब कागजातों की जांच की और परिजनों से पूछताछ की तो सच्चाई जानकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए.दुल्हन की उम्र सिर्फ 13 साल है जबकि दूल्हे की उम्र 20 साल थी. कानूनन यह पूरी तरह से बाल विवाह का मामला है. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बच्ची को तुरंत बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया जहां उसकी विशेष काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि उसके मानसिक आघात को कम किया जा सके.

पुलिस ने क्या बताया

इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस प्रशासन बेहद सख्त नजर आ रहा है. मामले की जानकारी देते हुए सीओ सिविल लाइन दीक्षा ने बताया कि 'थाना मेडिकल पर डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक नाबालिग बच्ची की शादी कराई जा रही है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंच जांच की. दोनों पक्षों को थाने लाया गया और बच्ची के नाबालिग पाए जाने पर उसे सीडब्ल्यूसी भेज दिया गया है. फिलहाल बच्ची की काउंसलिंग चल रही है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे और माता-पिता की तहरीर के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी.'

21वीं सदी के समाज पर सुलगते सवाल

समय रहते डायल 112 पर मिली सूचना ने एक मासूम बच्ची का जीवन तबाह होने से बचा लिया. लेकिन इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या माता-पिता खुद अपनी 13 साल की बेटी का भविष्य अंधकार में झोंक रहे थे? क्या इस शादी के पीछे कोई सामाजिक दबाव या पैसों का लेन-देन था? कानून को ठेंगा दिखाकर भागने वाला दूल्हा और उसका परिवार कौन है? फिलहाल पुलिस इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है और यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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