KBC के मंच पर पहुंचे कानपुर के उद्देश्य सचान से पूछा गया 25 लाख का ये सवाल, सही जबाव पता था फिर भी नहीं मिला इनाम
कानपुर के उद्देश्य सचान ने KBC 18 में 12.5 लाख रुपये जीते और 25 लाख के सवाल तक पहुंचे. बचपन में फीस न भर पाने पर स्कूल से निकले उद्देश्य आज 400 से अधिक गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं.
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'कौन बनेगा करोड़पति 18' के मंच पर पहुंचे कानपुर के 27 साल के उद्देश्य सचान का नाम चर्चा में है. शो के दौरान उद्देश्य ने जब अपनी कहानी सबके सामने रखी तो वहां मौजूद हर शख्स इमोशनल हो गया. बचपन में फीस न भर पाने के कारण स्कूल से निकाले गए उद्देश्य ने केबीसी में 12.5 लाख की राशि अपने नाम की और 25 लाख रुपये के सवाल तक पहुंचे. महज 250 रुपये की लागत से गरीब बच्चों के लिए गुरुकुल स्कूल शुरू करने वाले उद्देश्य सचान की यह कहानी इस समय सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ चर्चा में बनी हुई है.
250 रुपये के कर्ज से शुरू किया गुरुकुल
कानपुर के परसौली इलाके के रहने वाले उद्देश्य सचान जब कक्षा 3 में पढ़ते थे तब उनके पिता शिक्षक थे और मां गंभीर रूप से बीमार थीं. आर्थिक तंगी के कारण जब स्कूल की फीस जमा नहीं हो सकी तो उन्हें स्कूल से बाहर कर दिया गया. इस घटना ने उनके बाल मन पर गहरा प्रभाव छोड़ा और उन्होंने उसी दिन तय किया कि बड़े होकर वह गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देंगे.
अपनी मां से 250 रुपये का कर्ज लेकर उन्होंने इस अभियान की शुरुआत की थी. पिछले 7 सालों में उनका यह छोटा सा प्रयास एक बड़े अभियान में बदल चुका है. आज उनके गुरुकुल में मजदूर, भीख मांगने वाले और अनाथ बच्चों समेत 400 से ज्यादा छात्र पूरी तरह मुफ्त में पढ़ाई कर रहे हैं. पढ़ाई के साथ-साथ उद्देश्य बच्चों को किताबें, यूनिफॉर्म और बीमार पड़ने पर इलाज की व्यवस्था भी खुद करते हैं.
हॉटसीट पर गए उद्देश्य के अमिताभ बच्चन भी हुए मुरीद
केबीसी के मंच पर जब उद्देश्य सचान ने अपने इस शिक्षा अभियान की कहानी सुनाई तो अमिताभ बच्चन बेहद प्रभावित हुए. महानायक ने उनके इस निस्वार्थ सामाजिक कार्य की जमकर तारीफ की और उनके हौसले को सराहा. उद्देश्य का कहना है कि केबीसी की हॉटसीट तक पहुंचना और महानायक से सराहना मिलना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है.
यह था 25 लाख का सवाल
शानदार खेल दिखाते हुए उद्देश्य सचान 12.5 लाख सुरक्षित कर चुके थे. इसके बाद उनके सामने 25 लाख के लिए यह सवाल रखा गया.
सवाल: किस प्राचीन भारतीय शासक को 'अमित्रघात' की उपाधि से भी जाना जाता था?
विकल्प:
(A) सम्राट अशोक
(B) बिंबिसार
(C) समुद्रगुप्त
(D) बिंदुसार
लाइफलाइन का इस्तेमाल: सवाल का सटीक जवाब जानने के लिए उद्देश्य ने सबसे पहले 'महाफ्लिप' लाइफलाइन का उपयोग किया. इसके बाद भी संशय बना रहने पर उन्होंने '50:50' लाइफलाइन का सहारा लिया.
बचे दो विकल्प: '50:50' लाइफलाइन के बाद स्क्रीन पर सिर्फ दो विकल्प बचे-(B) बिंबिसार और (D) बिंदुसार.
लेकिन फिर भी उद्देश्य अपनी जवाब को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे. इसलिए उन्होंने कोई जोखिम न लेते हुए खेल छोड़ने का सुरक्षित फैसला लिया और 12.5 लाख रुपये की धनराशि लेकर घर लौटने का फैसला किया. गेम छोड़ने के बाद जब अमिताभ बच्चन ने उनसे औपचारिक तौर पर एक विकल्प चुनने को कहा तो उद्देश्य ने 'बिंदुसार' नाम लिया. उनका यह अनुमान बिल्कुल सही निकला. हालांकि बिना किसी जोखिम के ₹12.5 लाख सुरक्षित करना उनका एक बेहद बुद्धिमत्तापूर्ण फैसला था.
जीती हुई राशि होगी बच्चों के भविष्य पर खर्च
केबीसी का एपिसोड प्रसारित होने के बाद कानपुर में उद्देश्य सचान के स्कूल में जश्न का माहौल है. उद्देश्य ने बताया कि केबीसी से जीती गई 12.5 लाख रुपये की पूरी राशि वह अपने गुरुकुल स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, बच्चों की पढ़ाई और उनकी सुविधाओं को बढ़ाने पर खर्च करेंगे. उनके छात्र भी अपने शिक्षक को टीवी पर महानायक के साथ देखकर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं.
