मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. जेल परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई गई और पूजा-अर्चना के साथ भजन, प्रसाद वितरण समेत कई कार्यक्रम हुए. इस दौरान महिला बंदियों के साथ रह रहे चार छोटे बच्चों को राधा-कृष्ण की पोशाक पहनाई गई. इनमें ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ से चर्चा में आई बंदी मुस्कान की आठ माह की बेटी भी शामिल रही, जिसे राधा के रूप में तैयार किया गया.
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जेल में कई दिन पहले शुरू हो गई थी तैयारी
जन्माष्टमी को लेकर मेरठ जेल प्रशासन कई दिनों से तैयारियों में जुटा था. पूरे परिसर को टेंट, लाइटिंग और दूसरे सजावटी सामान से सजाया गया. भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की विशेष झांकी तैयार की गई, जबकि लड्डू गोपाल की भी खास सजावट की गई. जन्मोत्सव के समय जेल परिसर में पूजा-अर्चना और भजनों का आयोजन हुआ. इसके बाद बंदियों और अन्य श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद बांटा गया. व्रत रखने वाले बंदियों के लिए भी जेल प्रशासन ने अलग से विशेष व्यवस्था की थी.
चार बच्चों को पहनाई गई राधा-कृष्ण की पोशाक
जेल प्रशासन के अनुसार फिलहाल चार महिला बंदियों के साथ उनके चार छोटे बच्चे कारागार में रह रहे हैं. जन्माष्टमी के मौके पर इन सभी बच्चों को नई ड्रेस उपलब्ध कराई गई और उन्हें राधा-कृष्ण के रूप में सजाया गया. बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण की झांकी के पास बैठाया गया. महिला बैरक में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी से जन्मोत्सव का माहौल और भी खास हो गया. जेल प्रशासन ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा.
जेल में ही जन्मी थी मुस्कान की आठ माह की बेटी
इन चार बच्चों में मुस्कान की आठ माह की बेटी भी है. ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ के आरोपी के तौर पर चर्चा में आई मुस्कान की यह बच्ची जेल में ही पैदा हुई थी. जन्माष्टमी पर उसे राधा के रूप में सजाया गया. नई पोशाक में बच्ची को महिला बैरक में तैयार की गई झांकी के पास बैठाया गया. इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से बच्ची और अन्य बच्चों को कार्यक्रम में शामिल करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए.
महिला बैरक में भी सजी कृष्ण जन्म की झांकी
जेल के मुख्य परिसर के अलावा महिला बैरक में भी अलग से झांकी सजाई गई. यहां बंदियों ने पूजा-अर्चना और भजनों के बीच भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया. जेल परिसर में टेंट और रोशनी की व्यवस्था की गई थी. जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों में बंदियों ने श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया. भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आयोजन हुआ और इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया.
जेलर हरबंस पांडे ने क्या बताया?
जेलर हरबंस पांडे ने बताया, 'भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ था, इसलिए जेलों में जन्माष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है. इसी वजह से मेरठ जेल में भी इस पर्व को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया.' उन्होंने बताया कि महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों को राधा-कृष्ण की पोशाक दी गई. हरबंस पांडे के मुताबिक मुस्कान की बेटी करीब आठ माह की है और उसका जन्म जेल में ही हुआ था. जन्माष्टमी पर उसे राधा के रूप में तैयार किया गया और नई ड्रेस भी दी गई.
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