सरधना से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अतुल प्रधान को सहारनपुर जाने से पुलिस ने रोक दिया. अतुल प्रधान मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले को लेकर कमिश्नर को ज्ञापन देने के लिए सहारनपुर जा रहे थे. इसी दौरान मेरठ पुलिस ने उनकी गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी खड़ी कर दी. इसके बाद विधायक का काफिला आगे नहीं बढ़ सका.
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पुलिस की कार्रवाई के बाद अतुल प्रधान के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली. विधायक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उन्हें जबरन रोका गया है. उन्होंने दावा किया कि पुलिस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के इशारे पर काम कर रही है.
सड़क पर पुलिस की गाड़ी लगाकर रोका
अतुल प्रधान ने कहा कि वह सहारनपुर जाना चाहते थे और वहां कमिश्नर को ज्ञापन देना था. उनके मुताबिक, पुलिस ने उनकी गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी खड़ी कर दी और उन्हें आगे जाने से रोक दिया.
विधायक ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी चुने हुए जनप्रतिनिधि को इस तरह रोका जा रहा है तो पुलिस के पास इसका अधिकार किस आधार पर है. उन्होंने कहा कि पुलिस से पूछा गया कि क्या उनके पास कोई कोर्ट का आदेश है, जिसके आधार पर उन्हें रोका जा रहा है.
'पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही'
अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि पुलिस विपक्षी नेताओं और राजनीतिक-सामाजिक लोगों को रोकने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जब भी कोई आंदोलन या संघर्ष होता है या कोई बड़ी घटना होती है तो विपक्षी नेताओं के घरों पर पुलिस का पहरा लगा दिया जाता है.
विधायक ने कहा कि वे लंबे समय से राजनीति की मुख्यधारा में हैं और तीन चुनाव विधायक का लड़ चुके हैं. उनके मुताबिक, पहले की सरकारों में उन्होंने इस तरह पुलिस द्वारा जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक-सामाजिक लोगों को रोकने की कार्रवाई नहीं देखी.
'लोकतंत्र को खत्म करने का काम'
अतुल प्रधान ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतंत्र से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र को खत्म करने की दिशा में है. उन्होंने सड़क के बीच पुलिस की गाड़ी खड़ी किए जाने पर भी सवाल उठाए.
विधायक ने कहा कि पुलिस जिस तरीके से उन्हें सहारनपुर जाने से रोक रही है, वह पूरी तरह सरकार के इशारे पर किया जा रहा है. इस घटना के बाद मेरठ में राजनीतिक माहौल गरमाता नजर आ रहा है.
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