बेटी संबंध बनाकर रिकॉर्ड करती थी प्राइवेट वीडियो, फिर पिता करता था ब्लैकमेल! बस्ती में SO की मौत के बाद खुला ‘हनीट्रैप’ का गंदा खेल!

यूपी तक

• 09:34 AM • 07 Sep 2026

बस्ती में वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद एक कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने इस मामले में 32 साल की प्रियंका चौधरी, उसके पिता राम नयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया है.

Basti Honeytrap Case

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Basti Honeytrap Case: बस्ती में वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद एक कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने इस मामले में 32 साल की प्रियंका चौधरी, उसके पिता राम नयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, प्रियंका कथित तौर पर लोगों से नजदीकी बढ़ाकर उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल करती थी. इसके बाद इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के जरिए पिता और वकील पर कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और वसूली करने का आरोप है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने कितने लोगों को अपना निशाना बनाया था.

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ऐसे शुरू होता था हनीट्रैप का खेल

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक कथित नेटवर्क का तरीका काफी योजनाबद्ध था. पहले किसी व्यक्ति से मुलाकात और बातचीत शुरू होती थी. इसके बाद दोस्ती और नजदीकियां बढ़ाने का प्रयास किया जाता था. पुलिस का दावा है कि बातचीत आगे बढ़ने के दौरान निजी तस्वीरें, वीडियो या दूसरी व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाती थी. बाद में इन्हीं चीजों को कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग का जरिया बनाया जाता था. आरोप है कि लोगों से पैसे की मांग की जाती थी और रकम देने से इनकार करने पर निजी सामग्री परिवार या समाज के सामने सार्वजनिक कर बदनाम करने की धमकी दी जाती थी. पुलिस को संदेह है कि इस तरीके से एक से ज्यादा लोगों को निशाना बनाया गया.

SO की मौत के बाद शुरू हुई जांच

इस पूरे मामले की कड़ी वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह की मौत से जुड़ती है. पुलिस के मुताबिक, 29 अगस्त को सूर्य प्रकाश सिंह अपने सरकारी आवास पर थे. इसी दौरान उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. एक पुलिस अधिकारी की इस तरह मौत के बाद मामले को लेकर कई सवाल उठे. इसके बाद उनके बेटे संदीप सिंह ने 5 सितंबर को बस्ती कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई. शिकायत में कई लोगों पर आपसी मिलीभगत से ऐसे कृत्य करने का आरोप लगाया गया, जिनके कारण सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. FIR के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी.

मोबाइल और कॉल डिटेल की भी हुई जांच

जांच के दौरान पुलिस ने सूर्य प्रकाश सिंह के मोबाइल फोन और कॉलिंग पैटर्न की पड़ताल शुरू की. अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की तो इसकी कड़ियां प्रियंका चौधरी और उसके संपर्क में रहे लोगों तक पहुंचीं. बस्ती के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) संजीव त्यागी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से सूर्य प्रकाश सिंह का प्रियंका चौधरी और विजय प्रकाश यादव से संपर्क सामने आया है. इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों की भूमिका की जांच की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

प्रियंका के साथ पिता और वकील पर भी आरोप

पुलिस की जांच में प्रियंका चौधरी के साथ उसके पिता राम नयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है. पुलिस के अनुसार, प्रियंका कथित तौर पर लोगों से संपर्क बनाती थी और फिर उनके साथ दोस्ती या नजदीकी बढ़ाती थी. आरोप है कि निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल होने के बाद उसके पिता राम नयन चौधरी और विजय प्रकाश यादव कथित ब्लैकमेलिंग और वसूली में भूमिका निभाते थे. पुलिस का कहना है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए कई लोगों से पैसे की वसूली किए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि कुल कितने लोग इसके निशाने पर आए थे.

गंधार गांव में पिता के साथ रहती थी प्रियंका

पुलिस के मुताबिक, प्रियंका चौधरी वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गंधार गांव में अपने पिता के साथ रहती थी. पुलिस ने बताया कि वह करीब 10 साल से अपने पति से अलग रह रही थी. जांच में यह भी सामने आया है कि प्रियंका मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटरों में काम कर चुकी है. पुलिस अब उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है. जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि कथित तौर पर लोगों से संपर्क किस माध्यम से किया जाता था और नजदीकी बढ़ने के बाद निजी तस्वीरें और वीडियो किस तरह हासिल किए जाते थे.

घटना वाले दिन वकील ने की थी आखिरी कॉल

पुलिस की जांच में घटना वाले दिन की कॉलिंग भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. DIG संजीव त्यागी के मुताबिक, 29 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 41 मिनट पर अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव ने सूर्य प्रकाश सिंह को आखिरी कॉल की थी. पुलिस अब इस बातचीत की परिस्थितियों को समझने में जुटी है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उस फोन कॉल में क्या बातचीत हुई थी और क्या उसका संबंध सूर्य प्रकाश सिंह की मौत से पहले की परिस्थितियों से था. पुलिस के अनुसार, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मिलाकर देखने पर आरोपियों और सिंह के बीच संपर्क की कड़ी सामने आई है.

क्या ब्लैकमेलिंग के दबाव में उठाया आत्मघाती कदम?

पुलिस को संदेह है कि सूर्य प्रकाश सिंह को आरोपियों की ओर से कथित तौर पर परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा था. जांच का एक अहम पहलू यह है कि क्या ब्लैकमेलिंग के दबाव की वजह से उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. फिलहाल पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल, आरोपियों से पूछताछ और संभावित पीड़ितों से मिली जानकारी को जोड़कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. शुरुआती जांच में पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि कथित नेटवर्क सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था. कई अन्य लोगों से भी कथित तौर पर पैसे वसूले जाने की बात सामने आई है. अब पुलिस इन संभावित पीड़ितों की पहचान कर उनके बयान दर्ज करने की तैयारी में है.

हॉस्पिटल चौराहे से तीनों गिरफ्तार

DIG संजीव त्यागी के मुताबिक, पुलिस ने प्रियंका चौधरी, राम नयन चौधरी और विजय प्रकाश यादव को हॉस्पिटल चौराहे से गिरफ्तार किया. अब तीनों से पूछताछ कर पुलिस कथित नेटवर्क की दूसरी कड़ियों का पता लगाने में जुटी है. जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि आरोपियों के पास लोगों की निजी तस्वीरें और वीडियो कैसे पहुंचते थे और उनका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में आरोपियों के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या बस्ती के बाहर दूसरे शहरों में भी इसी तरह लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया था. आने वाले दिनों में संभावित पीड़ितों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच से इस पूरे मामले की और कड़ियां सामने आने की उम्मीद है.