BHU में 85 साल के पद्मश्री प्रोफेसर टीके लहरी को साथी डॉक्टर ने मारा थप्पड़, दी गालियां? आरोपी अरविंद पांडेय ने सुनाई ये कहानी

वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा संस्थान में पद्मश्री और वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. टीके लहरी से कथित मारपीट का मामला सामने आया है. बता दें इस घटना के बाद डॉ. लहरी के परिजनों ने इस संबंध में BHU के कुलपति, कुलसचिव समेत विश्वविद्यालय के कई अधिकारियों को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी है.

BHU T.K. Lahiri Case

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BHU T.K. Lahiri Case: वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा संस्थान में पद्मश्री और वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. टीके लहरी से कथित मारपीट का मामला सामने आया है. बता दें इस घटना के बाद डॉ. लहरी के परिजनों ने इस संबंध में BHU के कुलपति, कुलसचिव समेत विश्वविद्यालय के कई अधिकारियों को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी है. वहीं उनके परिजनों का आरोप है कि 29 अगस्त को हुई घटना के करीब एक सप्ताह बाद भी मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. शिकायत सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है और आरोपी चिकित्सक डॉ. अरविंद पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है. हालांकि, संबंधित एसोसिएट प्रोफेसर ने डॉ. लहरी से बहस होने की बात स्वीकार की है, लेकिन थप्पड़ मारने के आरोप से इनकार किया है.

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रिटायरमेंट के बाद भी दे रहे निशुल्क सेवाएं

डॉ. टीके लहरी BHU में कार्डियोथोरेसिक सर्जन के रूप में लंबे समय तक सेवाएं दे चुके हैं. वर्ष 2003 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह सर सुंदरलाल अस्पताल में लगातार निशुल्क मरीजों का इलाज और सेवा कर रहे हैं. बताया गया है कि वह अपनी पेंशन तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय को दान कर देते हैं और केवल अपने निजी खर्च के लिए जरूरी रकम अपने पास रखते हैं. पिछले कुछ महीनों से तबीयत खराब होने के कारण उन्हें BHU के कार्डियोलॉजी विभाग के ICU में भर्ती कराया गया था. इसी दौरान किसी बात को लेकर उनका एक एसोसिएट प्रोफेसर से विवाद होने की बात सामने आई है.

परिजनों ने जारी की फोटो

परिजनों की ओर से डॉ. टीके लहरी की एक तस्वीर भी जारी की गई है. इसमें उनके गाल पर उंगलियों के निशान, आंख में लालिमा और आंख के ऊपर काले निशान दिखाई देने का दावा किया गया है. परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई. आरोप यह भी है कि अस्पताल परिसर में उनके ही विभाग के चिकित्सक डॉ. अरविंद पांडेय ने उनके साथ मारपीट की. इस मामले में शिकायत किए जाने के बावजूद करीब एक सप्ताह तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

एसोसिएट प्रोफेसर ने मारपीट से किया इनकार

मामले को लेकर BHU के IMS के आधिकारिक ग्रुप में संबंधित एसोसिएट प्रोफेसर की ओर से प्रतिक्रिया दिए जाने की बात कही जा रही है. बताया गया है कि उन्होंने डॉ. टीके लहरी के साथ बहस या कहासुनी होने की बात कही, लेकिन उन्हें थप्पड़ मारने से इनकार किया. ऐसे में घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसे लेकर अब जांच की मांग उठ रही है. मामला सार्वजनिक होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.

पूर्व विभागाध्यक्ष ने प्रशासन पर उठाए सवाल

BHU के हृदय विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ओम शंकर ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि प्रशासन आरोपी चिकित्सक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के बजाय मामले को टालने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा, 'एसोसिएट प्रोफेसर ने खुद IMS के ग्रुप में बताया है कि वह डॉ. टीके लहरी के साथ बहस में थे, लेकिन वह मारपीट की घटना से इनकार कर रहे हैं. इसका मतलब है कि वह घटना के समय वहां मौजूद थे. अब इसकी जांच होनी चाहिए कि डॉ. टीके लहरी को इतनी गंभीर चोट कैसे आई.'

CCTV से सामने आ सकता है पूरा सच

डॉ. ओम शंकर ने घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए CCTV फुटेज की जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, 'अगर ICU में CCTV लगा है तो उससे घटना से जुड़ी सारी चीजें सामने आ सकती हैं. अब यह पता लगाना होगा कि वहां CCTV लगा है या नहीं.' फिलहाल परिजनों की शिकायत, सामने आई तस्वीर और चिकित्सक की ओर से दिए गए पक्ष के बीच घटना की वास्तविक स्थिति जांच का विषय बनी हुई है. मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ रही है.