मेरठ SSP अविनाश पांडेय ने पुलिस गाड़ी में बैठे रवि गौतम को मारे थप्पड़ ही थप्पड़, दलित समाज के प्रदर्शन का है मामला

उस्मान चौधरी

• 09:48 AM • 09 Jul 2026

Meerut Lalita Gautam Murder Case: मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान SSP अविनाश पांडेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि पुलिस वाहन में बैठे रवि गौतम को SSP ने थप्पड़ मारे थे, जिसके बाद उसने कथित तौर पर जान देने की कोशिश की.

UP Tak
Google CTA

Meerut Lalita Gautam Murder Case: मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय का प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस बीच मामले में नया दावा सामने आया है. बताया जा रहा है कि पुलिस की गाड़ी के अंदर जिस युवक को एसएसपी ने थप्पड़ मारे थे, उसका नाम रवि गौतम है. बता दें कि SSP से थप्पड़ खाने के बाद पुलिस की गाड़ी के अंदर ही रवि गौतम ने जान देने की कोशिश की थी. हालांकि पुलिसवालों ने उसे ऐसा करने से रोका था. इस दोनों घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे हैं. 

यह भी पढ़ें...

प्रदर्शन के दौरान वायरल हुआ वीडियो

दरअसल, मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर परिजन और दलित समाज के लोग कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठा दिया था.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एसएसपी अविनाश पांडेय पुलिस वाहन के पास पहुंचते हैं और उसके अंदर जाकर रवि गौतम को थप्पड़ मारते हैं. इसके बाद वाहन का दरवाजा बंद कर दिया जाता है. 

सड़क पर भी दिखे कार्रवाई करते

वायरल वीडियो में एसएसपी अविनाश पांडेय प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर उन्हें हटाते और कुछ लोगों को थप्पड़ मारते भी दिखाई देते हैं. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है.

ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर था विरोध

15 मई को परीक्षा देने निकली बीए छात्रा ललिता गौतम का शव 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के एक गन्ने के खेत में मिला था. पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. हालांकि, परिजन और दलित समाज के लोग आरोपी के परिवार और अन्य कथित सह-आरोपियों पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे. इसी मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया था.

'किसी के पिताजी की सड़क नहीं है'

प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर एसएसपी अविनाश पांडेय खुद मौके पर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा था, "किसी के पिताजी की सड़क नहीं है. जिसे शिकायत है वह सीधे आकर हमसे मिले, लेकिन सड़क जाम करना ठीक तरीका नहीं है. तुरंत सड़क खाली करें."

कौन हैं SSP अविनाश पांडेय?

मेरठ के SSP अविनाश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उनका जन्म 3 फरवरी 1988 को लखीमपुर खीरी में हुआ था. विज्ञान से स्नातक करने के बाद उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया. सेवा के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें दो बार डीजीपी प्रशंसा चिह्न से सम्मानित किया जा चुका है. उन्हें 15 अगस्त 2022 को सिल्वर मेडल और 26 जनवरी 2025 को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया था.

सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एसएसपी अविनाश पांडेय की कार्रवाई को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. खासकर दलित समाज के कई लोगों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. फिलहाल पुलिस की ओर से वायरल वीडियो और रवि गौतम को लेकर किए जा रहे दावों पर अलग से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

यह भी पढ़ें: UP School Closed: आज नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी-प्राइवेट स्कूलों में छु्ट्टी, गाजियाबाद डीएम ने जारी किया आदेश