मेरठ में पुलिस थाने की जमीन पर निकली मस्जिद..., इमाम को दिया गया 7 दिनों का समय, पेश करने होंगे डॉक्यूमेंट्स नहीं तो होगी कार्रवाई

Meerut Kharakhoda Police Land: मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सरकारी जमीन पर बने एक धार्मिक ढांचे को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है.

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उस्मान चौधरी

15 Jun 2026 (अपडेटेड: 15 Jun 2026, 12:13 PM)

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Meerut Mosque Notice: मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सरकारी जमीन पर बने एक धार्मिक ढांचे को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है. राजस्व विभाग की पैमाइश के बाद पुलिस ने दावा किया है कि थाना परिसर की जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया है. इस मामले में मस्जिद के इमाम को नोटिस जारी कर जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश करने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है. तय समय सीमा के भीतर कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अतिक्रमण हटाने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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पैमाइश में मस्जिद का पता चला

जानकारी के मुताबिक दो सप्ताह पहले थाना परिसर में नए सरकारी आवासीय भवनों के निर्माण की तैयारी के तहत राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश की थी. जांच के दौरान आधिकारिक रिकॉर्ड का मिलान किया गया, जिसमें खसरा संख्या 1217 के अंतर्गत आने वाली 1.6450 हेक्टेयर भूमि को खरखौदा थाने की संपत्ति के रूप में दर्ज पाया गया. पैमाइश रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि थाने की जमीन के पिछले हिस्से में पहले से मस्जिद का निर्माण मौजूद है.

इमाम से मांगे गए कागजात

राजस्व रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने मस्जिद के इमाम को थाने बुलाकर संबंधित भूमि के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा. पूछताछ के दौरान इमाम ने दावा किया कि यह जमीन वक्फ बोर्ड की संपत्ति है. हालांकि वह तत्काल इस दावे से जुड़े कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके. इसके बाद पुलिस ने उन्हें जरूरी कागजात पेश करने के लिए सात दिनों की मोहलत दी है.

सत्यापन के बाद होगी अगली कार्रवाई

मेरठ के एसपी देहात अभिजीत कुमार के अनुसार, दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान इस अतिक्रमण की जानकारी सामने आई है. उन्होंने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है. यदि निर्धारित समय में जमीन के स्वामित्व से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो प्रशासन की सहायता से अतिक्रमण हटाने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. प्रशासन के अनुसार थाना परिसर में नए सरकारी आवासीय भवनों का निर्माण प्रस्तावित है. इसी प्रक्रिया के तहत जमीन का सीमांकन और रिकॉर्ड का सत्यापन कराया गया था.