उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 22 साल के नौजवान गौतम मौर्य की नृशंस हत्या के बाद माहौल बेहद गरमाया हुआ है. इस वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है, जिसके बाद अब प्रशासन भी सख्त एक्शन में आ गया है. हत्या के आरोपी समीर अली के अवैध रूप से बने मकान को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है.
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प्रशासन ने आरोपी के घर पर बाकायदा 10 दिनों का अल्टीमेटम चिपका दिया है. अगर तय समय में निर्माण खुद नहीं हटाया गया तो नगर पंचायत इस पर बुलडोजर चला देगी.
जानिए क्या है पूरा मामला?
खौफनाक वारदात शुक्रवार रात की है. बताया जा रहा है कि आरोपी समीर अली इस बात से बुरी तरह चिढ़ा हुआ था कि 22 वर्षीय गौतम मौर्य ने उसकी बहन के साथ अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दी थी. इसी रंजिश में गौतम पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया.
सड़क पर उतरा गुस्सा, हाईवे किया जाम
नौजवान की बेरहमी से की गई हत्या की खबर मिलते ही शनिवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. हजारों की तादाद में आक्रोशित लोग सड़कों पर उतर आए और थाने का घेराव कर दिया.
विरोध प्रदर्शन के चलते सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय बाजार बंद रहे. गुस्साए लोगों ने पालिया-जलालाबाद हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात काफी देर तक बाधित रहा.
10 दिन का मिला नोटिस, फिर चलेगा बुलडोजर
अपर जिलाधिकारी रजनीश मिश्रा ने बताया कि कांट नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी नूरजहां द्वारा आरोपी की मां सलमा और अन्य निवासियों को नोटिस जारी किया गया है.
उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 के नियमों का उल्लंघन करके ये निर्माण किया गया है. अगर 10 दिनों के भीतर इसे खाली करके हटाया नहीं गया तो नगर पंचायत खुद इस अवैध ढांचे को गिरा देगी.
अफवाहे फैलाने वालों को पुलिस की चेतावनी
मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा होने के कारण पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि माहौल बिगाड़ने या सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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