मेरठ के सूरज कुंड के दिन फिरने वाले हैं. मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) इसके जीर्णोद्धार और विकास पर लगभग 18.22 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है. हाल ही में विभाग ने एक नोटिस जारी कर ठेकेदारों के लिए कुछ नियमों को आसान बनाया है. MDA की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जो ठेकेदार इस काम में हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें 36.46 लाख रुपये की गारंटी राशि जमा करनी होगी.
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क्या हुए हैं मुख्य बदलाव?
सबसे पहले तो तारीख में बदलाव किया गया है. पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 29 मई थी, जिसे अब बढ़ाकर 5 जून 2026 कर दिया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ज्यादा ठेकेदारों के बीच मुकाबला हो और काम की अच्छी क्वालिटी मिले. अब इस काम के लिए ठेकेदार के पास 'A' क्लास का इलेक्ट्रिकल लाइसेंस होना जरूरी नहीं है.
क्या होता है 'A' श्रेणी का इलेक्ट्रिकल लाइसेंस?
साधारण शब्दों में कहें तो ये बिजली के काम करने का सबसे बड़ा और प्रोफेशनल सर्टिफिकेट होता है. जिस ठेकेदार के पास Class-A लाइसेंस होता है, वह बहुत हाई वोल्टेज (जैसे 11,000 वोल्ट या उससे अधिक) और भारी बिजली के उपकरणों (ट्रांसफॉर्मर, सब-स्टेशन) का काम करने के लिए अधिकृत होता है.
शर्तों में बदलाव से क्या होगा?
सूरज कुंड के काम में पहले यह लाइसेंस अनिवार्य था. अब इसे हटाने का मतलब है कि वे ठेकेदार भी आवेदन कर सकते हैं जो सिविल निर्माण (जैसे पार्क बनाना, दीवारें बनाना) के विशेषज्ञ हैं, भले ही उनके पास इतना बड़ा बिजली का लाइसेंस न हो. इससे आवेदन करने वालों की संख्या बढ़ेगी.
क्यों खास है ये विकास कार्य?
मेरठ के सूरज कुंड का जीर्णोद्धार शहरवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात है. इस विकास कार्य से न केवल क्षेत्र का सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर को भी नया जीवन मिलेगा. इच्छुक कंपनियां या ठेकेदार अधिक जानकारी के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://mdameerut.in पर जा सकते हैं.
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