मथुरा के कोसीकलां में गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ 'फरसा वाले बाबा' की मौत के मामले में मथुरा पुलिस ने अपना आधिकारिक बयान जारी कर दिया है. पुलिस ने साफ किया है कि यह मामला गौतस्करी या हत्या का नहीं, बल्कि एक सड़क दुर्घटना का है. पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रही गौकशी और तस्करी की खबरों को पूरी तरह भ्रामक और असत्य बताया है.
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जांच में क्या आया सामने?
मथुरा पुलिस की जांच के अनुसार, घटना के समय बाबा चंद्रशेखर ने जिस कंटेनर को संदिग्ध मानकर रोका था, उसमें किराने का सामान लदा हुआ था. इसी दौरान घने कोहरे की वजह से पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसमें तार लदे हुए थे. इस टक्कर के कारण बाबा की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई.
मुकदमा दर्ज और पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने जानकारी दी है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोसीकलां में दुर्घटना का मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही, मथुरा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे फेसबुक, ट्विटर (X) या इंस्टाग्राम पर किसी भी तथ्यहीन अफवाह को पोस्ट न करें. गौवंश तस्करी से जुड़ी खबरें पूरी तरह निराधार हैं. भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है.
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