फर्जी राजीनामा लगाकर दाखिल खारिज कराई जमीन, तहसील के कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर धोखाधड़ी का आरोप

Mathura tehsil corruption case: मथुरा-तहसीलदार न्यायालय मांट में फर्जीवाड़ा कर जमीन की दाखिल-खारिज कराने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है.

UP News

Newzo

• 04:03 PM • 27 Apr 2026

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Mathura Land Fraud: मथुरा-तहसीलदार न्यायालय मांट में फर्जीवाड़ा कर जमीन की दाखिल-खारिज कराने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि विपक्षियों ने तहसील कर्मियों के साथ मिलीभगत कर उसके नाम से एक फर्जी राजीनामा फाइल में लगा दिया और जमीन अपने नाम करा ली. पीड़ित ने थाना मांट में नामजद तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

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गांव चिन्तागढ़ी थाना नौहझील निवासी रामवीर सिंह पुत्र धर्मवीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि तहसीलदार न्यायालय मांट में वाद संख्या 1611/2025 विचाराधीन था, जिसमें वह स्वयं आपत्तिकर्ता थे. पूर्व में उनकी आपत्ति के बाद न्यायालय ने नामान्तरण की कार्रवाई को खारिज कर दिया था.

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

पीड़ित के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को जब उन्होंने तहसील से अपनी खतौनी की नकल प्राप्त की तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. खतौनी पर बीना देवी पत्नी ओमवीर सिंह निवासी पालम कॉलोनी, दिल्ली का नाम दर्ज हो चुका था. जब रामवीर सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पत्रावली की जांच कराई तो पता चला कि फाइल में उनके नाम से एक फर्जी राजीनामा पत्र लगाया गया है. आरोप है कि बीना देवी और उनके पति ओमवीर सिंह ने तहसील के कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर धोखाधड़ी से यह दाखिल-खारिज प्रक्रिया पूरी कराई है.

भ्रष्ट तहसील कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग

पीड़ित रामवीर सिंह ने थाना मांट में प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई है. उन्होंने मांग की है कि इस षड्यंत्र में शामिल भू-माफियाओं और भ्रष्ट तहसील कर्मियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए.