Mathura Social News: ध्रुवघाट श्मशान में मानवता की मिसाल, मई में 47 शवों का हुआ निशुल्क अंतिम संस्कार

Mathura news: मथुरा के ध्रुवघाट श्मशान में मानवता और सेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली. मई माह में 47 शवों का पूर्ण धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ निशुल्क अंतिम संस्कार किया गया. लावारिस शवों को भी सम्मानजनक विदाई देकर समिति ने सामाजिक संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया.

Dhruvghat Crematorium Service

Newzo

• 04:59 PM • 02 Jun 2026

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  Mathura News: ध्रुवघाट शमशान स्थल संचालन समिति द्वारा संचालित निशुल्क विद्युत एवं गैस शवदाह गृह में मई माह के दौरान सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली. 1 मई से 31 मई के बीच कुल 47 शवों का पूर्ण वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इनमें 44 लावारिस शव और 3 ऐसे शव शामिल थे जिन्हें परिजन लेकर पहुंचे थे. सभी का अंतिम संस्कार समिति द्वारा पूरी तरह निशुल्क किया गया.

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समिति के विद्युत एवं गैस शवदाह गृह के संयोजक महेश अग्रवाल (साड़ी वालों) ने बताया कि अपेक्षा से अधिक संख्या में शवों का अंतिम संस्कार इस अवधि में किया गया. उन्होंने कहा कि दोनों शवदाह भट्टियां बिजली, गैस और जनरेटर के माध्यम से सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और यह सेवा निरंतर निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है.

संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल और मंत्री एडवोकेट उमेश अग्रवाल ने आम नागरिकों से इस जनसेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की. उन्होंने बताया कि यमुना तट स्थित इस शवदाह गृह में पंडितों की उपस्थिति में पूर्ण धार्मिक विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई है. साथ ही शोक संतप्त परिजनों के लिए वातानुकूलित हॉल, शुद्ध पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.

समिति के संरक्षक धनेश मित्तल और शशिभानु गर्ग ने लोगों से अपील की कि किसी भी भ्रांति में न पड़ें और अंतिम संस्कार हेतु विद्युत शवदाह गृह की सेवाओं का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न केवल पूर्णतः निशुल्क है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है क्योंकि इससे लकड़ी की खपत और पेड़ों की कटाई में कमी आती है. समिति ने यह भी बताया कि इस जनकल्याणकारी सेवा को और बेहतर बनाने के लिए समाज से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं, ताकि इसे अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाया जा सके.