Mathura Health News: मथुरा के राया क्षेत्र के सोनई कस्बे से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद एक बुजुर्ग को समय पर उपचार नहीं मिल सका और परिजन 8 दिनों से दर-दर भटकने को मजबूर हैं.जानकारी के अनुसार, गांव नगला वरी निवासी 65 वर्षीय वीरपाल को काफी समय से यूरिन में ब्लड आने की गंभीर समस्या थी. परिजन उन्हें उपचार के लिए सोनई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. विपिन ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें आगरा के एस.एन. मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया.
ADVERTISEMENT
3 दिन भटकने के बाद चिकित्सकों से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित के बेटे खजान सिंह ने आरोप लगाया कि एस.एन. मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद उन्हें तीन दिन तक अस्पताल परिसर में ही परेशान होना पड़ा. इस दौरान उन्होंने अपनी जांचें भी कराईं, जिनका भुगतान खुद करना पड़ा. इतना ही नहीं अन्य जांचों के नाम पर लगभग 4000 रुपये की मांग भी की गई. तीन दिन तक भटकने और उचित इलाज न मिलने से निराश होकर परिजन वापस सोनई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लौट आए. वहां पहुंचकर उन्होंने चिकित्सकों को अपनी पूरी व्यथा सुनाई और न्याय की गुहार लगाई. जिस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने पीड़ित के साथ हुई इस घटना से उच्चधिकारियों को अवगत कराते हुए पुनः जिला अस्पताल के लिए रेफर किया है.
परिवार ने जिला प्रशासन से की जांच की मांग
इस संबंध में जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. विपिन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पीड़ित उनसे मिला था जिसकी जांच कराई गई थी. उसके बाद उन्हें आगरा के लिए रेफर किया गया था. वहां से लौटने और उपचार न मिलने की बात पर उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया. वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना का कार्ड होने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की राहत नहीं मिली. जिससे योजना की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं. वीरपाल के पुत्र खजान ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर समुचित उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है.
ADVERTISEMENT









