Lucknow Coaching Center Fire: राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए. इस त्रासदी के बाद हर तरफ शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है तथा मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है.
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हादसे पर अखिलेश यादव ने जताई संवेदना
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं. उन्होंने शोकाकुल परिवारों के दुख में अपनी सहभागिता जताते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की.
घायलों के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा की मांग
सपा प्रमुख ने राज्य सरकार से अपील की कि हादसे में घायल सभी लोगों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए. उनका कहना था कि प्रशासन को हर संभव प्रयास करना चाहिए ताकि घायलों की जान बचाई जा सके और उन्हें समय पर उचित इलाज मिल सके.
हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग
अखिलेश यादव ने इस घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताते हुए इसके पीछे की वजहों की ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे केवल आंकड़े नहीं होते, बल्कि इनके पीछे कई परिवारों के सपने और उम्मीदें जुड़ी होती हैं. इसलिए यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि आखिर यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है.
"बच्चे किसी के भी हो सकते थे"
अपने संदेश में उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हादसे का शिकार हुए बच्चे किसी भी परिवार के हो सकते थे. हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं, लेकिन इस दुर्घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. उन्होंने कहा कि समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं.
प्रदेश की निगाहें जांच और कार्रवाई पर
लखनऊ की इस दर्दनाक घटना ने केवल 15 जिंदगियां ही नहीं छीनीं, बल्कि अनेक परिवारों के सपनों को भी अधूरा छोड़ दिया है. अब पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि हादसे की वास्तविक वजह कब सामने आएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे. साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग तेज हो रही है.
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