हम चिल्लाते रहे पर कोई नहीं आया... लखनऊ अग्निकांड में बाल-बाल बचकर बाहर आईं दिल्ली की लवप्रीत ने बताया अंदर का पूरा हाल

Lucknow Fire: लखनऊ के हेक्सार स्टूडियो में लगी भीषण आग ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे से बचीं कर्मचारी लवप्रीत ने रेस्क्यू में देरी के आरोप लगाए. सीएम योगी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

Lucknow Fire Incident

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आशीष श्रीवास्तव

• 09:47 AM • 23 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. 'हेक्सार स्टूडियो' नामक एक नामी एनिमेशन और गेमिंग सेंटर में 22 जून की शाम लगी भीषण आग ने न सिर्फ कई परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है बल्कि प्रशासनिक मुस्तैदी और बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस दर्दनाक हादसे में मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकली दिल्ली की एक महिला कर्मचारी लवप्रीत के बयानों ने अब यूपी प्रशासन में खलबली मचा दी है. दिल्ली की रहने वाली लवप्रीत का आरोप है कि चीख-पुकार और लगातार फोन करने के बावजूद समय पर कोई मदद नहीं पहुंची. 

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हम चिल्लाते रहे पर कोई नहीं आया...

इस खौफनाक हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बची दिल्ली की रहने वाली लवप्रीत पिछले 5 महीनों से इस कंपनी में जॉब कर रही थीं. यूपी Tak से बातचीत के दौरान रोते हुए लवप्रीत ने बताया कि जब अचानक स्टूडियो में आग लगी तो अंदर कोई भी रेस्क्यू करने वाला मौजूद नहीं था.

लवप्रीत के मुताबिक 'हमने अपनी जान बचाने के लिए हर मुमकिन जगह फोन मिलाया. हम मदद के लिए लगातार चिल्लाते रहे. लेकिन समय रहते प्रशासन या रेस्क्यू टीम का कोई भी व्यक्ति हमारी सुध लेने नहीं आया. अगर राहत कार्य समय पर शुरू हो जाता तो शायद स्थिति इतनी बदतर नहीं होती.'

क्या काम होता था 'हेक्सार स्टूडियो' में?

जिस 'हेक्सार स्टूडियो' में यह भयावह हादसा हुआ वह एक प्रतिष्ठित 3D गेमिंग स्टूडियो और कोर्स सेंटर था. इस संस्थान में लगभग 30 युवा पेशेवर काम करते थे जिनमें मुख्य रूप से 3D गेम डेवलपर और 3D आर्टिस्ट शामिल थे. यहां न सिर्फ हाई-एंड डिजिटल एनिमेशन प्रोजेक्ट्स और 3D गेम्स तैयार कर बड़े क्लाइंट्स को भेजे जाते थे बल्कि युवाओं को करियर बनाने के लिए इससे जुड़े प्रोफेशनल कोर्सेज भी कराए जाते थे.

डिजिटल सुरक्षा बनी मौत का कारण

शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग की सुरक्षा में ऐसी जानलेवा लापरवाही बरती गई थी जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. दफ्तर का जो मुख्य दरवाजा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए थंब इम्प्रेशन यानी बायोमेट्रिक से खुलता था वही उनकी मौत की वजह बन गया. आग लगते ही बिजली गुल हो गई और तकनीकी खराबी के चलते यह मुख्य गेट ऑटोमैटिक लॉक हो गया, जिससे युवाओं का बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया. इतनी बड़ी बिल्डिंग होने के बावजूद पूरी इमारत में कोई भी इमरजेंसी एग्जिट  नहीं बनाया गया था.

सीढ़ियों का रास्ता इतना संकरा था कि वहां से एक साथ नीचे उतरना नामुमकिन था. जब पूरी बिल्डिंग में जहरीला धुआं फैल गया तो दम घुटने से कई युवा वहीं बेहोश हो गए. अपनी जान बचाने के लिए कई युवाओं ने खिड़कियों की लोहे की ग्रिल तोड़ी और ऊपर से ही नीचे छलांग लगा दी.

एक्शन मोड में सीएम योगी

लखनऊ के बीचों-बीच हुए इस भीषण अग्निकांड ने शासन-प्रशासन को हिलाकर रख दिया है. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी ने मंगलवार को होने वाले अपने सभी पूर्व निर्धारित सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. मुख्यमंत्री आवास पर इस वक्त अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग चल रही है जिसमें इस चूक के जिम्मेदार लोगों पर बेहद सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं.