14 डेड बॉडी मैंने अपनी आंखों से देखीं... लखनऊ में जहां लगी भीषण आग वहां पहुंचे ब्रजेश पाठक, इमोशनल होते हुए कही ये बात

लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के मुताबिक आग एक इमारत में चल रहे एनिमेशन सेंटर तक फैल गई, जहां धुएं में फंसने से कई छात्र बाहर नहीं निकल सके.

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यूपी तक

• 06:03 PM • 22 Jun 2026

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राजधानी लखनऊ के अलीगंज के पुरनिया इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया. इस हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है. मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है. हालांकि  प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बताया कि बच्चों की उम्र  16-17 है.

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आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका. डिप्टी सीएम घटनास्थल की स्थिति बताते हुए वह भावुक भी नजर आए. उन्होंने कहा कि अंदर घना धुआं भरा हुआ है और फायर ब्रिगेड की टीम एक-एक सामान हटाकर जांच कर रही है.

'बच्चे पीछे की तरफ भागे, लेकिन धुएं में फंस गए'

ब्रजेश पाठक ने बताया कि जिस इमारत में आग लगी, वहां एक एनिमेशन सेंटर चल रहा था, जहां बच्चे कार्टून और एनिमेशन बनाना सीखने आते थे. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की अभी जानकारी नहीं मिली है, लेकिन आग भड़कने के बाद बच्चे पीछे की तरफ भागे. इसी दौरान वहां इतना धुआं भर गया कि वे बाहर नहीं निकल सके.

उन्होंने बताया कि राहत टीम को अंदर पहुंचने के लिए दीवार तक तोड़नी पड़ी. ब्रजेश पाठक ने कहा, "मैं खुद अंदर गया था. ये बेहद दुखद घटना है."

'13-14 शव निकाले गए हैं'

मौतों के आंकड़े पर बात करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि अभी सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने खुद 13-14 शव देखे हैं. उन्होंने बताया कि अब तक 13 से 14 शव निकाले जा चुके हैं और सभी को अस्पताल भेजा गया है. उनके मुताबिक गर्मियों की छुट्टियों के दौरान कई छात्र यहां एनिमेशन की ट्रेनिंग लेने आते थे.

चश्मदीद ने बताई आग लगने के बाद की भयावह तस्वीर

घटना के प्रत्यक्षदर्शी अमन ने बताया कि इमारत के निचले हिस्से में एक स्टोर था, जबकि ऊपर गेमिंग जोन संचालित किया जा रहा था. अमन के अनुसार, आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने मिलकर एक लड़की और पांच लड़कों समेत 5-6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. उन्होंने बताया कि हालात इतने खराब हो गए थे कि जान बचाने के लिए एक व्यक्ति ने ऊपरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी. इस वजह से उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और पैरों में भी गंभीर चोटें आईं.

'15 मिनट बाद पहुंची मदद'

चश्मदीद अमन का दावा है कि आग लगने की सूचना देने के बावजूद पुलिस और दमकल विभाग की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 15 मिनट लग गए. उनके मुताबिक तब तक आग पूरी इमारत में फैल चुकी थी.