इस लड़की के थे दो प्राइवेट पार्ट और 2 यूट्रस... फिर लखनऊ में इसके साथ जो हुआ वो चमत्कार से कम नहीं!

Lucknow Rare Surgery Case: लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में डॉक्टरों ने जन्मजात डबल यूटेरस और डबल वजाइना से पीड़ित युवती का सफल ऑपरेशन कर उसकी जिंदगी बदल दी. सर्जरी के बाद युवती को पेशाब और शौच पर नियंत्रण मिल गया है और अब वह सामान्य जीवन जी रही है.

अंकित मिश्रा

14 Jan 2026 (अपडेटेड: 14 Jan 2026, 03:55 PM)

follow google news

Lucknow Rare Surgery Case: लखनऊ में डॉक्टरों ने एक बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण सर्जरी में सफलता हासिल कर एक युवती की जिंदगी बदल दी है. लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने एक जन्मजात मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. जन्म से ही दो बच्चेदानी और दो योनि (डबल यूटेरस और डबल वजाइना) की समस्या से पीड़ित युवती का सर्जरी के जरिए इलाज किया गया. सर्जरी से पहले युवती को पेशाब और शौच पर नियंत्रण नहीं था लेकिन ऑपरेशन के बाद अब वह सामान्य जीवन जी रही है. डॉक्टरों का कहना है कि यह प्रदेश का पहला ऐसा मामला है.

यह भी पढ़ें...

जन्मजात समस्याओं ने जिंदगी को बना दिया था कठिन

बलिया निवासी इस युवती को जन्म से ही पेशाब पर नियंत्रण की समस्या थी. इस कारण बचपन से ही उसे डायपर का सहारा लेना पड़ता था. उम्र बढ़ने के बावजूद उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया और पेट साफ न होने की गंभीर समस्या भी बनी रही. परिवार ने स्थानीय स्तर पर कई जगह इलाज कराए लेकिन युवती को कोई राहत नहीं मिली. थक हार कर जब परिजनों को कोई रास्ता नजर नहीं आया तो वे युवती को इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लेकर पहुंचे. 

बता दें कि जांच के दौरान  यह सामने आया कि युवती को तीन गंभीर जन्मजात समस्याएं थीं. उसके शरीर में दो बच्चेदानी और दो योनियां थीं, पेशाब की नलिकाएं गलत स्थान पर खुल रही थीं और गुदा मार्ग योनि   के बेहद करीब था. इन वजहों से युवती को रोजमर्रा के जीवन में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी.

विशेषज्ञों की टीम ने ली जिम्मेदारी

लोहिया संस्थान के यूरोलॉजी विशेषज्ञ प्रो. ईश्वर राम धायल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस युवती के इलाज का जिम्मा संभाला. प्रारंभिक जांच और विश्लेषण के बाद डॉक्टरों ने इसे तीन चरणों में सर्जरी करने का निर्णय लिया. पहले चरण में गुदा मार्ग को सही स्थिति में लाने के लिए ऑपरेशन किया गया. इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण में पेशाब पर नियत्रण  पाने के लिए जटिल सर्जरी की गई.

प्रो. ईश्वर राम धायल ने बताया कि तीनों चरणों की सर्जरी पूरी तरह सफल रही. अब युवती को पेशाब और शौच दोनों पर नियंत्रण मिल चुका है और उसका रोजमर्रा का जीवन सामान्य हो गया है. उन्होंने आगे कहा कि यह सर्जरी न केवल चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी, बल्कि युवती के लिए एक नया जीवन भी लेकर आई है.

परिवार और युवती को मिली राहत

इस सफल ऑपरेशन के बाद युवती और उसके परिवार में खुशी की लहर है. लंबे समय से जिस शारीरिक और सामाजिक परेशानी का सामना उसे  करना पड़ रहा था, उससे अब उसे राहत मिल गई है. प्रो. ईश्वर राम धायल ने कहा कि इस तरह की जन्मजात स्थिति में सर्जरी का समय और प्रक्रिया बेहद संवेदनशील होती है लेकिन पूरी टीम ने इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया.

यह भी पढ़ें: पावरस्टार पवन सिंह ने लगाए ठुमके तो बवाल मच गया, अब गोरखपुर के लोगों ने कह दी ये बड़ी बात  

    follow whatsapp