गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गोहत्या के खिलाफ कानून बनाने की मांग को लेकर शंखनाद यात्रा निकाल रहे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लखनऊ पहुंच गए हैं. लखनऊ के स्मृति उपवन में आयोजित शंखनाद कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा पर तीखे हमले किए. उन्होंने प्रशासन द्वारा लगाई गई शर्तों और कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिशों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है.
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मीडिया को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि उनकी यह मांग पूरी तरह से गौ माता की रक्षा के लिए है और इसमें कोई राजनीतिक हित नहीं है. हालांकि, कार्यक्रम को रोकने की कोशिशों पर उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया.
कार्यक्रम को फ्लॉप बताए जाने पर शंकराचार्य ने ये कहा
कार्यक्रम में खाली कुर्सियों और कम भीड़ की चर्चाओं पर शंकराचार्य ने करारा जवाब दिया. उन्होंने शराब और दूध की दुकान का उदाहरण देते हुए कहा, "ज्यादा भीड़ कहां होती है, शराब की दुकान पर या दूध की दुकान पर? यहां की कम भीड़ बता रही कि यह शराब की नहीं, शुद्ध गाय के दूध की दुकान है." उन्होंने कार्यक्रम को फ्लॉप बताए जाने पर सवाल किया कि इतनी जल्दी क्या है?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस शंखनाद कार्यक्रम को रोकने के लिए अपना पूरा बल लगा दिया था. उन्होंने कहा, "पहले मीटिंग हुई कि वाराणसी से निकलने मत दो, लेकिन हम निकल आए. फिर रास्ते में रोकने की कोशिश की गई. लखनऊ में प्रवेश से रोकने के लिए शर्तों के साथ अनुमति दी गई. इन शर्तों ने साफ कर दिया कि उनके मन में हमारे लिए कोई प्यार नहीं है. अब हमारे लिए यह युद्ध लड़ना आसान हो गया है. जिस मैदान पर हम बैठे हैं, उसका 4 लाख 64 हजार रुपये का भुगतान पहले ही ले लिया गया था, लेकिन मैदान की परमिशन आज दोपहर 12 बजे बैक डेट में दी गई."
शंकराचार्य ने वहां मौजूद लोगों से अपील की कि वे अपना नाम और पता लिखकर दें. उन्होंने कहा, "आज से जो एक नया इतिहास प्रारंभ होने जा रहा है, उसके लिए यहां आए सभी लोग अपना नाम-पता देकर जाना ताकि आप इस इतिहास के फाउंडर मेंबर बनो." उन्होंने दोहराया कि यहां कोई राजनीतिक बात नहीं, केवल गौ माता की रक्षा की बात करनी है.
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