KJMU में इलाज के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ रेप का आरोपी हैदर अली... पूरे सिस्टम में मचा बवाल!

Lucknow Prison Escape: लखनऊ के KGMU अस्पताल से इलाज के दौरान धोखाधड़ी और दुष्कर्म के गंभीर मामलों में बंद विचाराधीन कैदी हैदर अली पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. इस घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.

UP Tak

आशीष श्रीवास्तव

• 12:44 PM • 13 Jun 2026

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Lucknow Prison Escape: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. यहां के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में इलाज के लिए भर्ती एक विचाराधीन कैदी पुलिस को चकमा देकर रफूचक्कर हो गया. अस्पताल के वार्ड से कैदी के अचानक गायब होने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे और जेल प्रशासन में खलबली मच गई है. आनन-फानन में फरार बंदी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं, वहीं ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है.

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कौन है फरार कैदी और क्या है पूरा मामला? 

जेल प्रशासन के अनुसार, पुलिस कस्टडी से भागे गए इस विचाराधीन कैदी की शिनाख्त हैदर अली के रूप में हुई है जो मूल रूप से ओडिशा के बालासोर जिले का निवासी है. हैदर अली के खिलाफ धोखाधड़ी और रेप जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके चलते वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था.

जेल में रहने के दौरान अचानक हैदर अली की तबीयत बिगड़ गई थी. शुरुआत में जेल के अंदर बने अस्पताल में ही उसका प्राथमिक उपचार किया गया लेकिन सेहत में सुधार न होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया. इसके बाद भी जब उसकी हालत गंभीर बनी रही तो उसे बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए KGMU में शिफ्ट किया गया था.

सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लगी

KGMU में भर्ती हैदर अली की चौबीसों घंटे निगरानी करने के लिए जेल प्रशासन ने हेड कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार और बंदी रक्षक धर्मेंद्र सिंह को तैनात किया था. लेकिन शुक्रवार की सुबह जब रूटीन चेकिंग की गई तो सुरक्षाकर्मियों के पैरों तले जमीन खिसक गई, हैदर अली अपने बिस्तर से नदारद था. शुरुआती तौर पर दोनों सुरक्षाकर्मियों ने अपने स्तर से अस्पताल परिसर में उसकी खोजबीन शुरू की लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी. कैदी के भागने की खबर मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए.

लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

इस बेहद संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी की शिकायत पर चौक कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है. ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही बरतने के आरोप में हेड कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार और बंदी रक्षक धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है. अब पुलिस इस बात पर भी गहराई से जांच कर रही है कि कड़े पहरे के बावजूद कैदी अस्पताल से बाहर निकलने में कैसे कामयाब रहा. पुलिस को अंदेशा है कि इस फरारी के पीछे अस्पताल या बाहर के किसी व्यक्ति की अंदरूनी मदद भी हो सकती है.

गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी

फरार आरोपी हैदर अली को दोबारा सलाखों के पीछे भेजने के लिए लखनऊ पुलिस ने एक विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. इसके लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हैदर अली के पुराने परिचितों, रिश्तेदारों व संभावित मददगारों के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही हैं. स्थानीय पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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