शिक्षा माफियाओं के लिए फांसी... 'योगी जी 2' बनकर छात्रों के प्रोटेस्ट में पहुंचे अवधेश साहनी, पेपर लीक को लेकर उठाई बड़ी मांग

देवरिया के अवधदेश कुमार साहनी उर्फ 'योगी जी टू' मुख्यमंत्री के पहनावे और आवाज में लखनऊ के इको गार्डन पहुंचे. पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अध्यादेश लाने की मांग की.

CM Yogi Adityanath Doppelganger in Lucknow

CM Yogi Adityanath Doppelganger in Lucknow

CM Yogi Adityanath Doppelganger in Lucknow: लखनऊ के इको गार्डन में चल रहे छात्रों के बड़े प्रदर्शन के बीच एक अनोखा नजारा देखने को मिला. धरना स्थल पर देश और प्रदेश से आए छात्र-छात्राओं के बीच एक युवक बिल्कुल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वेशभूषा, पहनावे और उन्हीं की तरह सांस्कृतिक हिंदी भाषा में बात करता नजर आया. यूपी Tak की टीम ने जब इस युवक से बात की, तो उसने अपना नाम अवधेश कुमार साहनी उर्फ 'योगी जी टू' बताया. अवधेश कुमार साहनी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार क्षेत्र के चूरिया ग्राम सभा के निवासी हैं और खुद को महाराज गुरा निषाद का वंशज बताते हैं. अवधेश कुमार साहनी ने बताया कि वह पेपर लीक के मामले को लेकर छात्रों के अंदर पनपे असंतोष और उनके दुख-दर्द को उठाने के लिए इको गार्डन पहुंचे हैं.

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इको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे अवधेश कुमार साहनी ने युवाओं की मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि सरकार को एक अध्यादेश लाना चाहिए. उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • शिक्षा माफियाओं को फांसी: सरकार एक ऐसा अध्यादेश लाए जिससे पेपर लीक कराने वाले शिक्षा माफियाओं के लिए फांसी का प्रावधान हो.
  • रिक्त पदों को भरने की गारंटी: साल 2018-19 के बाद से लगातार शिक्षकों के खाली पदों पर भर्तियां नहीं आई हैं. सरकार अध्यादेश लाकर युवाओं को गारंटी दे कि जैसे सांसद-विधायक का पद खाली होने पर 6 महीने में उपचुनाव होते हैं, ठीक वैसे ही हर सरकारी पद खाली होने पर उसे 1 साल के भीतर अनिवार्य रूप से भरा जाए.

सुरक्षा के लिए बदलते हैं गेटअप, गोरखपुर सांसद के समय से कर रहे फॉलो

जब अवधेश से पूछा गया कि क्या वे हमेशा इसी गेटअप में रहते हैं, तो उन्होंने कहा, "सुरक्षा के दृष्टिकोण से मैं अपने हिसाब से अपना गेटअप और पहनावा बदलता रहता हूं, क्योंकि देश में अराजक तत्व, गुंडे और माफिया हैं जो कभी भी हमारे ऊपर हमला कर सकते हैं."

उन्होंने आगे बताया कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद हुआ करते थे, वह तब से ही उनकी वेशभूषा में रहते हैं, उनकी आवाज बोलते हैं और उनके विचारों को सुनते हैं. उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी या नेता की वजह से नहीं, बल्कि लक्ष्य के प्रति योगी आदित्यनाथ की 'कट्टरता' और उनकी आईडियोलॉजी के कारण उन्हें पसंद करते हैं. वह गैर-राजनीतिक रूप से जात-पात और धर्म से ऊपर उठकर शोषितों, पीड़ितों और बहन-बेटियों के हक के लिए आवाज उठाते हैं.

'योगी जी बुलाएंगे तो निश्चित जाऊंगा, लेकिन मंच मिलना चाहिए'

मुख्यमंत्री से मिलने के सवाल पर अवधेश कुमार साहनी उर्फ योगी जी टू ने साफ कहा, "मेरा यह शौक है कि जब भी मुझे बुलाया जाए, तो मुझे वो मंच प्रदान किया जाए जहां से मैं भाषण दे सकूं. अन्यथा ऐसे मिलने का कोई अर्थ नहीं है. जैसे एक धावक को दौड़ने का और गायक को गाने का अवसर चाहिए, वैसे ही मैं चाहता हूं कि जब भी योगी आदित्यनाथ जी मुझे बुलाएं, तो मुझे इन युवाओं का दुख-दर्द रखने और बोलने का अवसर प्रदान किया जाए."

उन्होंने उम्मीद जताई कि देश में 65% युवा हैं और चुनाव काफी नजदीक हैं, ऐसे में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार युवाओं के इन मुद्दों पर अमल करेगी और उनके साथ न्याय करेगी.