Lucknow Trader Robbery Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार देर रात एक किराना व्यापारी के घर हुई लूट की वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी. इंदिरानगर क्षेत्र में देर रात बदमाश 13 फीट ऊंची दीवार फांदकर घर के अंदर घुस गए और व्यापारी, उनकी पत्नी व बेटी पर लोहे की रॉड और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. तीनों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद आरोपी घर में रखी नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गए. घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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दीवार फांदकर दाखिल हुए बदमाश
जानकारी के मुताबिक वारदात इंदिरानगर के अमराई गांव स्थित बजरंग चौराहे के पास रहने वाले किराना व्यापारी उमेश चंद्र के घर हुई. शुक्रवार रात करीब दो बजे कुछ बदमाश गमछे और रस्सी की मदद से 13 फीट ऊंची दीवार पार कर घर के भीतर पहुंचे. आरोप है कि बदमाश सीधे उस कमरे में दाखिल हुए, जहां व्यापारी की बेटी सीमा सो रही थी. उस समय व्यापारी और उनकी पत्नी दूसरे कमरे में थे. बदमाशों का मकसद घर में लूटपाट करना बताया जा रहा है.
पूरे परिवार पर किया हमला
पीड़ित व्यापारी के बेटे दीपक के अनुसार उनकी बहन सीमा दो दिन पहले ही घर आई थी और उसी कमरे में सो रही थी, जहां अलमारी रखी थी. आहट मिलने पर जब उसकी नींद खुली और उसने शोर मचाने की कोशिश की तो बदमाशों ने उसके सिर और चेहरे पर लोहे की रॉड से कई वार कर दिए. बेटी की आवाज सुनकर पिता उमेश चंद्र मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर भी रॉड से 25 से अधिक वार किए. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह करीब एक घंटे तक बदमाशों का सामना करते रहे. इस दौरान व्यापारी की पत्नी शांति देवी पर भी लाठी और लोहे की रॉड से हमला किया गया.
नकदी और जेवरात लेकर फरार
हमले में तीनों के बेसुध होने के बाद बदमाशों ने घर की अलमारी खंगाली और उसमें रखी नकदी व जेवरात लेकर फरार हो गए. डॉक्टरों के मुताबिक व्यापारी उमेश चंद्र के सिर पर करीब 50 टांके लगे हैं, जबकि उनकी पत्नी शांति देवी के सिर पर 40 टांके आए हैं. बेटी भी गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जारी है. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं.
दो पुलिसकर्मी निलंबित
घटना की सूचना मिलने के बाद डीसीपी ईस्ट डॉ. दीक्षा शर्मा और अपर पुलिस उपायुक्त अमोल मुर्कुट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि पुलिस चौकी महज दो किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची. मामले की जांच में लापरवाही सामने आने के बाद नाइट अफसर के रूप में तैनात दारोगा नागेंद्र कुमार और महिला कॉन्स्टेबल दिव्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. जांच में सामने आया कि महिला कॉन्स्टेबल को पीआरवी से सूचना मिल चुकी थी, लेकिन उसने दूसरी टीम को समय पर अलर्ट नहीं किया.
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
डीसीपी ईस्ट डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया 'पीड़ित परिवार की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है. बदमाशों की धरपकड़ के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है. आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.' पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है. साथ ही घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जा सके.
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