UP News: 13 जुलाई को एक भव्य समारोह के बाद शुरू किए गए कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर अब सवाल उठ गए हैं. जिस एक्सप्रेसवे को विश्वस्तरीय गुणवत्ता की नजीर बताया गया था, वह उद्घाटन के महज 13 दिन बाद ही विवादों में आ गया. लगातार बारिश के बीच उन्नाव जिले के कोरारी के पास 6-लेन एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा कई मीटर तक धंस गया है. घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया लोग तरह-तरह की बात कर रहे हैं और विपक्ष ने सरकार व निर्माण एजेंसियों पर निशाना साधा है. हालांकि इस मामले में अपडेट जारी करते हुए NHAI ने बताया है कि एक्सप्रेसवे का जो हिस्सा धंस गया था, उसकी मरम्मत कर दी गई है.
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सड़क धंसने की घटना के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मौके का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया. वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने बीजेपी सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर भ्रष्टाचार और निर्माण में लापरवाही के आरोप लगाए.
4200 करोड़ रुपये की लागत से बना है ये एक्सप्रेसवे
करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबे 6-लेन कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण पीएनसी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया था. निर्माण पूरा होने के बाद इसे NHAI को सौंप दिया गया था.
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर कई सवाल उठने लगे. लोगों का कहना है कि अगर विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी में परियोजना तैयार हुई थी, तो उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क कैसे धंस गई? कई लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं.
सपा और कांग्रेस सरकार पर हमलावर
सड़क धंसने की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. विपक्ष का कहना है कि जिस एक्सप्रेसवे को कुछ दिन पहले बड़ी उपलब्धि बताया गया था, वह पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया और इससे जनता के पैसे के इस्तेमाल पर भी प्रश्न उठ रहे हैं.
मरम्मत में जुटी निर्माण कंपनी
मामले ने तूल पकड़ने के बाद निर्माण कंपनी पीएनसी ने मौके पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया. वहीं NHAI ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बयान जारी करते हुए कहा, "NHAI आपको अवगत कराना चाहता है कि कानपुर से लखनऊ की ओर किमी 64 के पास 'स्लिपेज' यानी सड़क का हिस्सा धंस गया है, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक मरम्मत की कार्रवाई जारी है."
NHAI ने मरम्मत के बाद जारी किया ये अपडेट
NHAI ने बयान जारी करते हुए कहा है कि, "NHAI आपको अवगत कराना चाहता है कि कानपुर से लखनऊ की ओर किमी 64 के पास हुए स्लिपेज के संबंध में आवश्यक मरम्मत एवं सुधारात्मक कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए गए हैं. वर्तमान में उक्त स्थल पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है. NHAI सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त करता है."
अभी 13 जुलाई को हुआ था उद्घाटन
बता दें कि 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था. करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के शुरू होने से कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा का समय लगभग 3 घंटे से घटकर 40 मिनट का हो गया है. इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है.
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