‘नीले ड्रम हत्याकांड’ में मुस्कान-साहिल पर आज कोर्ट सुनाएगा फैसला, मां की गवाही से लेकर बेटी के DNA तक... केस में क्या-क्या हुआ

उस्मान चौधरी

• 08:31 AM • 30 Sep 2026

मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के चर्चित ‘ब्लू ड्रम हत्याकांड’ में बुधवार, 30 सितंबर को जिला जज की अदालत फैसला सुनाएगी. अदालत पहले तय करेगी कि मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के आरोपी मुस्कान और साहिल दोषी हैं या नहीं.

साहिल- मुस्कान

साहिल- मुस्कान

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Meerut’s Blue Drum Murder Case: मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के चर्चित ‘ब्लू ड्रम हत्याकांड’ में बुधवार, 30 सितंबर को जिला जज की अदालत फैसला सुनाएगी. अदालत पहले तय करेगी कि मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के आरोपी मुस्कान और साहिल दोषी हैं या नहीं. दोष सिद्ध होने पर इसके बाद सजा पर सुनवाई होगी. मामले में 17 सितंबर को अंतिम बहस पूरी हो चुकी है. अभियोजन पक्ष ने दोनों आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है. फैसले से पहले परिवार की ओर से पेश गवाहों और साक्ष्यों पर नजर है.

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22 गवाहों की गवाही

सौरभ के परिवार की ओर से मुकदमा लड़ रहे अधिवक्ता विजय बहादुर ने बताया कि वादी पक्ष ने 22 गवाह पेश किए. इनमें सौरभ का भाई बबलू, उसकी मां और सौरभ का दोस्त शामिल हैं. ड्रम, दवाइयां, चाकू, सीमेंट आदि खरीदने वाले दुकानदारों की भी गवाही कराई गई. हत्या के बाद आरोपी जहां घूमने गए थे, वहां से जुड़े साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे गए. अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा.

हत्या से पहले और बाद की तैयारियों का जिक्र

अधिवक्ता के मुताबिक अभियोजन ने हत्या से पहले और बाद की कथित तैयारियों को अदालत के सामने रखा. उनका कहना है कि हत्या से पहले नशीली दवा और चाकू की व्यवस्था की गई. हत्या के बाद शव छिपाने के लिए नीला ड्रम, सीमेंट और रेत खरीदी गई. अभियोजन के अनुसार शव को ड्रम में भरकर सीमेंट से सील करने और दूसरी जगह ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही मामला सामने आ गया.

बचाव पक्ष ने हत्या के आरोप से किया इनकार

मुस्कान की ओर से अधिवक्ता रेखा जैन ने बचाव पक्ष रखा. विजय बहादुर के अनुसार बचाव पक्ष ने आरोपियों द्वारा हत्या किए जाने से ही इनकार किया है. वादी पक्ष अपने सभी साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने रख चुका है. 17 सितंबर को अंतिम बहस पूरी होने के बाद अब अदालत के सामने दोनों पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय का चरण है.

अभियोजन ने मांगी अधिकतम सजा

विजय बहादुर के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने ऐसे मामलों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अधिकतम सजा की मांग की. उन्होंने कहा 'न्यूनतम सजा आजीवन कारावास और अधिकतम सजा मृत्युदंड है और हमारी ओर से अधिकतम सजा की मांग की गई है.' अदालत पहले आरोपियों के दोषी या निर्दोष होने पर फैसला सुनाएगी. दोष सिद्ध होने पर सजा के बिंदु पर आगे सुनवाई होगी.

मुस्कान की बेटी के DNA पर क्या कहा गया?

मुस्कान की बेटी के संबंध में DNA जांच की मांग पर अधिवक्ता विजय बहादुर ने कहा कि फिलहाल हत्या का ट्रायल चल रहा है और ऐसी मांग का मुकदमे पर प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि सौरभ के परिवार से इस बारे में उनकी कोई बात नहीं हुई है. उनके मुताबिक बच्ची के संबंध में अदालत ही तय करेगी कि सहानुभूति का कोई आधार बनता है या नहीं.

साहिल अपने काम में लगा

मेरठ जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में मुस्कान पहले की तुलना में अधिक धार्मिक गतिविधियों में समय दे रही है. वह नियमित संध्या और सुंदरकांड के अलावा शिव पूजा भी कर रही है. बच्ची के अलावा उसे जो समय मिलता है, उसमें वह पूजा-पाठ करती है. वहीं साहिल अन्य बंदियों से ज्यादा बातचीत नहीं करता और अपने काम में लगा रहता है. अब 30 सितंबर के फैसले पर निगाहें हैं.