Lucknow Eco Garden Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का इको गार्डन इस समय एक बड़े ऐतिहासिक छात्र आंदोलन का गवाह बन रहा है. प्रदेश की विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली, पेपर लीक और व्यापक अनियमितताओं के खिलाफ युवाओं का गुस्सा अब सड़कों पर पूरी तरह फूट पड़ा है. इस हल्ला बोल प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में अभ्यर्थी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले तमाम कोचिंग संस्थानों के शिक्षक लखनऊ पहुंच चुके हैं. चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी की परवाह किए बिना छात्र सड़कों पर डटे हुए हैं और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एग्जामपुर कोचिंग के संस्थापक और लोकप्रिय शिक्षक विवेक सर इको गार्डन पहुंच चुके हैं.
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टुंडला जंक्शन पर विवेक सर को किया गया डिटेन
11 जून की शाम लखनऊ कूच के बड़े आह्वान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश के छात्रों में नाराजगी पैदा कर दी. लखनऊ जाते समय टुंडला जंक्शन पर पुलिस ने विवेक सर को हिरासत में ले लिया गया. जैसे ही यह जानकारी बाहर आई, सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया और छात्रों, समर्थकों तथा शिक्षकों ने लगातार पोस्ट करके प्रशासन से सवाल उठाने शुरू कर दिए. छात्रों का कहना था कि एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे व्यक्ति को रोकना गलत है और इसे उनकी आवाज दबाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. कई लोगों ने इसे युवाओं और शिक्षकों की जायज मांगों के खिलाफ कदम बताया.
रात भर सोशल मीडिया पर विरोध और बहस का माहौल बना रहा .हालांकि अगले दिन सुबह स्थिति साफ हुई, जब पता चला कि लखनऊ पुलिस ने विवेक सर को अपनी निगरानी में सुरक्षित टुंडला से लखनऊ पहुंचने की अनुमति दे दी है.
पुलिस की परमिशन मिलते ही इको गार्डन पहुंचे विवेक सर
सुबह लखनऊ पहुंचने के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद विवेक सर को प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति मिल गई. जैसे ही विवेक सर लखनऊ के इको गार्डन के मुख्य द्वार से अंदर दाखिल हुए, वहां का पूरा नजारा और माहौल पल भर में बदल गया. विवेक सर को अपनी आंखों के सामने देखकर वहां मौजूद हजारों अभ्यर्थियों के बीच चरम उत्साह और एक नई ऊर्जा का संचार हो गया. छात्रों की भारी भीड़ उनकी तरफ दौड़ी और देखते ही देखते सबने उन्हें चारों तरफ से घेरकर एक बड़ा गोला बना लिया. इस दौरान छात्रों के बीच गजब का क्रेज देखने को मिला. हर कोई अपने मोबाइल फोन से इस पल की तस्वीरें और सेल्फी लेने के लिए बेताब नजर आया.
सील करदी गई थी विवेक सर की कोचिंग
इस महाआंदोलन की शुरआत मई में ही हो गई थी जब 30 मई को प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे थे. उस दौरान अभ्यर्थियों ने इस पूरी परीक्षा को रद्द कर दोबारा (री-एग्जाम) आयोजित कराने और पारदर्शी तरीके से सभी का स्कोर कार्ड जारी करने की मांग की थी. उसी बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान ही निर्णय लिया गया था कि 12 जून को सरकार की नीतियों के खिलाफ लखनऊ कूच किया जाएगा और सबसे बड़ा हल्ला बोल प्रदर्शन होगा. छात्रों के इस रुख को देखते हुए प्रशासन ने दमनकारी रुख अपनाया और विवेक सर के प्रयागराज स्थित कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया. इस कार्रवाई के बावजूद विवेक सर पीछे नहीं हटे और वे लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से छात्रों से 12 जून को लखनऊ पहुंचने की अपील करते रहे.
प्रदेश भर के शिक्षकों का मिला साथ
इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें किसी एक जिले के नहीं, बल्कि प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर और कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के तमाम अलग-अलग हिस्सों से विभिन्न नामी एकेडमीज के शिक्षक और संचालक खुद चलकर युवाओं की आवाज बनने पहुंचे हैं. दूसरी तरफ, इस बड़े आंदोलन में राजनीतिक दलों की भागीदारी को लेकर भी कल से ही चर्चा तेज थी. चर्चाएं थीं कि कांग्रेस पार्टी के सदस्य भी छात्रों के समर्थन में यहां जुटेंगे. हालांकि इको गार्डन में अभी तक इस पार्टी का कोई भी टीम मेंबर नजर नहीं आया है. पार्टी से जुड़े अभिजीत दीप लखनऊ जरूर पहुंचे हैं लेकिन वे प्रदर्शन स्थल तक नहीं आए हैं. फिलहाल यह आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक बना हुआ है, जिसकी कमान पूरी तरह से विवेक सर और अन्य शिक्षकों के हाथों में है और छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
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