मेरी बेटी की सिर्फ हड्डियां नसीब हुईं… 19 साल की मानसी की BF ने की हत्या तो मिला उसका सिर्फ कंकाल, पिता फफक-फफक कर रोते रहे!

Lucknow Crime News: लखनऊ के मानसी हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी निशानदेही पर दो महीने बाद युवती का कंकाल बरामद हुआ. परिजनों ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

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आशीष श्रीवास्तव

• 04:00 PM • 06 Jun 2026

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Lucknow Crime News: उत्तर प्रदेश के लखनऊ और सीतापुर के बीच एक दिल दहला देने वाला सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है. लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में एक प्रेमी विशाल ने अपनी 19 साल की प्रेमिका मानसी की बेरहमी से हत्या कर दी. इतना ही नहीं आरोपी विशाल ने मानसी के शव को छिपाने के लिए उसे दूसरे जिले में फेंक दिया. वारदात के करीब दो महीने बाद जब पुलिस ने आरोपी प्रेमी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी की निशानदेही पर जब सीतापुर और बीकेटी पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची तो वहां से युवती का सिर्फ कंकाल बरामद हुआ. कपड़ों और चप्पलों के आधार पर मृतका की शिनाख्त की गई है. पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.

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स्कूल के लिए निकली थी मानसी और फिर नहीं लौटी

मूल रूप से सीतापुर की रहने वाली 19 साल की मानसी बीते 25-26 तारीख को अपने घर से स्कूल के लिए निकली थी. दोपहर 11.30 बजे तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. उसका मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहा था. मृतका के पिता महेश ने बताया कि जब उन्होंने स्कूल जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि मानसी वहां पहुंची ही नहीं थी. काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला तब पिता ने स्थानीय थाने में तहरीर दी.

पुलिस की लापरवाही से गई बेटी की जान

इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. पीड़ित पिता महेश का आरोप है कि घटना के दिन पुलिस ने उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया. दो दिन बाद यानी 28 तारीख को पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की. लेकिन पिता जिस तरह से नामजद मुकदमा चाहते थे वैसा नहीं किया गया.

पिता ने बताई पूरी कहानी

मानसी के पिता ने बताया कि 'मैं पुलिस की एफआईआर से संतुष्ट नहीं था. मैंने सीओ और एसपी साहब को भी अवगत कराया. लेकिन मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई. थक-हारकर अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए मैं धरने पर बैठ गया. धरने के तीसरे दिन सीओ साहब आए और आश्वासन दिया कि तीन-चार दिन में बेटी को ढूंढ देंगे जिसके बाद हम धरने से हटे. लेकिन आज हमारी बेटी की सिर्फ हड्डियां नसीब हुईं. अगर पुलिस पहले ही एक्टिव हो जाती तो शायद मेरी बेटी आज जिंदा होती.'

कुत्ते और सियार खा गए शव मौके पर मिलीं सिर्फ हड्डियां

पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी विशाल और भन्नु पाल ने जब अपना गुनाह कबूला तो पुलिस की टीम उन्हें लेकर बीकेटी क्षेत्र के उस सुनसान इलाके में पहुंची जहां शव को फेंका गया था. दो महीने बीत जाने के कारण शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था. पिता ने रोते हुए बताया कि मौके पर सिर्फ बेटी की हड्डियां, उसके बाल, कपड़े और चप्पलें ही बची थीं. बाकी का शव जंगली जानवर और कुत्ते-सियार खा चुके थे.

परिजनों के मुताबिक, आरोपियों ने पहले मानसी का अपहरण किया था. लेकिन जब उन्हें यह अहसास हुआ कि लड़की के परिवार वाले उनका नाम जान चुके हैं और वे पुलिस केस में बुरी तरह फंस जाएंगे तो उन्होंने खुद को बचाने के चक्कर में मानसी की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगा दिया.

दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग

इस दर्दनाक हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतका के पिता ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उनकी बेटी के अपहरण और हत्या के आरोपियों को तत्काल फांसी की सजा दी जाए. इसके साथ ही शुरुआत में लापरवाही बरतने वाले और मामले को टालने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए. फिलहाल पुलिस मामले के अन्य अज्ञात आरोपियों की तलाश और आगे की कानूनी तफ्तीश में जुटी है.