सीतापुर के 19 न्यायाधीश 15 जून से 23 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश पर, न्यायालय में अन्य न्यायाधीश करेंगे मामलों का निस्तारण

Sitapur News: सीतापुर जिला न्यायालय के 19 न्यायाधीश 15 जून से 23 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश पर रहेंगे। हालांकि न्यायिक कार्य प्रभावित नहीं होंगे. जिला जज के अनुसार अवकाश अवधि में लंबित और जरूरी मामलों की सुनवाई अन्य कार्यरत न्यायाधीशों द्वारा की जाएगी, जिससे वादकारियों को असुविधा न हो.

Sitapur court news

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Newzo

• 01:18 PM • 12 Jun 2026

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Sitapur News: जनपद के न्यायिक कार्यों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सूचना के अनुसार, जिला न्यायालय सीतापुर के 19 न्यायाधीश 15 जून से ग्रीष्मकालीन अवकाश पर रहेंगे. यह अवकाश 23 जून तक रहेगा और सभी न्यायाधीश 24 जून को पुनः अपने कार्यभार का निर्वहन करने के लिए न्यायालय में उपस्थित होंगे. जिला जज ने स्पष्ट किया है कि अवकाश अवधि के दौरान न्यायिक कार्य प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि अवकाश पर जाने वाले न्यायाधीशों के मामलों का निस्तारण न्यायालय में मौजूद अन्य न्यायाधीश करेंगे.

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मामला क्या है?

ग्रीष्मकालीन अवकाश पर जाने वाले न्यायाधीशों में जिला जज आशीष जैन, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) मोहम्मद शफीक, गैंगस्टर एक्ट न्यायाधीश शैलेंद्र वर्मा, पॉक्सो एक्ट न्यायाधीश एकता वर्मा, अपर जिला जज तरन्नुम खान एवं कविता सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौरव प्रकाश, सिविल जज सीनियर डिवीजन अंशु शुक्ला, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उरूज फातिमा, एसीजे सीनियर डिवीजन कोर्ट संख्या-3 की अंबिका मेहरोत्रा, कोर्ट संख्या-4 की विभा धामा तथा कोर्ट संख्या-1 की नीतिका महाजन शामिल हैं.

इसके अलावा ग्राम न्यायालय बिसवां की दिव्यांशी, सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट संख्या-1 के गगनदीप, कोर्ट संख्या-2 की माला कुमारी, कोर्ट संख्या-4 की प्रिया मिश्रा तथा सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की आकांक्षा भी अवकाश पर रहेंगी. इसी क्रम में सिविल जज महमूदाबाद रोहित पुरी और जुडिशियल मजिस्ट्रेट द्वितीय स्वाती आनंद भी ग्रीष्मकालीन अवकाश पर जाएंगे.

क्या न्यायालय का कामकाज बंद रहेगा?

जिला जज ने बताया कि न्यायालय में आने वाले वादकारियों और अधिवक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं. अवकाश के दौरान लंबित और आवश्यक मामलों की सुनवाई न्यायालय में कार्यरत अन्य न्यायाधीशों द्वारा की जाएगी.

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

प्रशासन का कहना है कि न्यायिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर दी गई है.